प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विज्ञान को सामाजिक और आर्थिक बदलाव के प्रयासों का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए कहा कि उनकी सरकार किसानों को अच्छे उत्पादन के लिए अव्वल दर्जे का वैज्ञानिक अनुसंधान उपलब्ध कराना चाहती है.

गांधी जयंती के दिन वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक (वैभव) शिखर सम्मेलन का वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में मोदी ने ये बातें कहीं.

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने विज्ञान, अनुसंधान और शोध को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘अपने किसानों की मदद के लिए हम अव्वल दर्जे का वैज्ञानिक अनुसंधान चाहते हैं. हमारे कृषि अनुसंधान वैज्ञानिकों ने दाल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए बहुत कड़ी मेहनत की है. हम बहुत कम मात्रा में दाल का निर्यात कर पाते हैं. हमारा अन्न उत्पादन रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा है.’’

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर महत्वाकांक्षी आत्मनिर्भर भारत अभियान का भी जिक्र किया और कहा कि इसमें वैश्विक कल्याण की भावना भी निहित है. इसे साकार करने के लिए उन्होंने सभी का समर्थन मांगा.

यह सम्मेलन वैश्विक और प्रवासी भारतीय शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को एक मंच प्रदान करता है. इसका उद्देश्य भारतीय मूल के दिग्गजों को एक मंच पर लाना है जो दुनिया भर के अकादमिक और शोध संस्थाओं से जुड़े हैं.

इस सम्मेलन में 55 देशों के भारतीय मूल के 3000 से अधिक वैज्ञानिक और शिक्षाविद तथा 10 हजार से अधिक प्रवासी वैज्ञानिक और शिक्षाविद शिरकत कर रहे हैं.