प्रधानमंत्री मोदी हैदराबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के IPS प्रोबेशनरों के दीक्षांत परेड समारोह के दौरान युवा IPS अधिकारियों से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा, क्या कभी हमने अपने थाने के कल्चर पर बल दिया है? हमारा थाना सामाजिक विश्वास का केंद्र कैसे बनें? अपनी सेवा के शुरु के दिनों में ही जितना over conscious रह सकें, उतना रहिएगा.

पीएम मोदी ने IPS अधिकारियों से कहा, आपके अंडर में जितने भी थाने आएं वहां बदलाव लाने की एक लिस्ट तैयार करें, व्यक्ति को बदल पाऊं या न पाऊं लेकिन व्यवस्था को और एनवायरनमेंट को बदल सकता हूं. मैं सभी नए पुलिस अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि आप अपनी सेवा के शुरु के दिनों में ही जितना over conscious रह सकें, उतना रहिएगा.

प्रधानमंत्री ने कहा, आप तय कीजिए कि आपके आस पास के थाने सामाजिक विश्वास का केंद्र कैसे बने, इसके लिए प्रयास करें। आप तय करें कि व्यवस्था को, वातावरण को आप बदलेंगे.

उन्होंने कहा, आज की जिंदगी में सभी कामों में हर किसी को तनाव रहता है. ये जीवन का हिस्सा है लेकिन ये ऐसी चीज़ नहीं,जिसे मैनेज न किया जा सके. अगर हम साइंटिफिक तरीके से अपने व्यक्तित्व को,अपनी क्षमताओं और अपनी जिम्मेदारियों को संतुलित तरीके से व्यवस्थित करें तो इसे आसानी से मैनेज कर सकते हैं.

मैं तनावपूर्ण जीवन जीने वालों को हमेशा आग्रह करता हूं कि योग, प्राणायाम करें. अपने अनुभव किया होगा कि अगर मन से योग करते हैं तो ये काफी लाभ देता है. काम कितना भी होगा लेकिन आप हमेशा प्रसन्न होंगे.

पीएम ने कहा, तकनीक ने हमारी बहुत मदद की है. केस को सुलझाने में भी तकनीक बहुत मदद कर रही है. लेकिन पुलिस के लोग आजकल जो सस्पेंड होते हैं तो उसका एक कारण भी तकनीक है. आपको इस पर बल देना होगा कि तकनीक का कैसे ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक उपयोग हो.