मध्यप्रदेश साइबर अपराध शाखा ने जनहित में परामर्श जारी कर लोगों को चेताया है कि वे कोविड-19 का टीका लगवाने की बुकिंग करवाने हेतु पंजीयन करने के नाम पर धोखेबाज लोगों की आने वाली लुभावनी फोन कॉल से सचेत रहें.

साइबर अपराध भोपाल के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि साइबर धोखाधड़ी करने वाले जो आरोपी हैं, वे वर्तमान में जो चलती रहती हैं उनको बिन्दु बनाकर धोखाधड़ी करते हैं. इसलिए कोरोना वायरस के टीके की पेशकश करने वाले ठगों से सावधान रहें.

उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह की हमारे पास एक शिकायत आई है, उसमें धोखधड़ी करने वाले ठग ने फोन कर उनसे कहा है कि आप पहले से पंजीयन करवा ले. आप जल्दी पंजीयन करवाएंगे तो कम पैसे में आपका टीकाकरण हो जाएगा और अभी से 500 रुपये दे दें. उसके बाद बाकी पैसा दे दीजिए.’’

सकलेचा ने बताया, ‘हमारे यहां पर जिसने ऐसे फोन आने की शिकायत की है, वह कॉलेज का छात्र है एवं जागरूक है. इसलिए उसने ये सब जानकारी जैसे ही उसको प्राप्त हुई, उसने भोपाल पुलिस को दी.’’

उन्होंने कहा कि जब भोपाल पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि और भी इस तरह के मामले देशभर में चल रहे हैं.

सकलेचा ने बताया, ‘‘हमने एक दिशा-निर्देश भी जारी किया है कि कोविड-19 टीके के नाम पर कोई भी लिंक आ रहा है, उसे साझा न करें, बिल्कुल भी क्लिक न करें और उसे फॉलो न करें, अन्यथा वे आपके साथ धोखाधड़ी कर सकते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘वे (धोखेबाज) कहते हैं कि जो ओटीपी आपके पास आया है, वह कोविड-19 के पंजीयन का है, जबकि वह ओटीपी ट्रांजेक्शन का होता है और जैसे ही कोई इस ओटीपी को सामने वाले को दे देता है तो उसके बैंक खाते से पैसा कट जाता है.’’

जब उनसे सवाल किया गया कि अभी भोपाल में कितने लोगों की आपके पास शिकायत आयी हैं, तो इस पर सकलेचा ने कहा, ‘‘अभी हमारे पास एक ही शिकायत आई है. यह शिकायत एक हफ्ते पहले आई है और वह भी सूचना की तरह है. उनके साथ धोखाधड़ी नहीं हुई है. लेकिन जैसे ही हमें जानकारी मिली हमने दिशा-निर्देश जारी किया और हम लगातार इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि वह आरोपी कहां का है.’’