हिस्ट्रीसीटर और कानपुर एनकाउंटर मामले का मुख्य आरोपी विकास दुबे 10 जुलाई की सुबह कानपुर के भौती इलाके में कथित एनकाउंटर में मारा गया. पुलिस के मुताबिक, उज्जैन से कानपुर लाते वक्त हुए सड़क हादसे में एक पुलिस गाड़ी पलटने के बाद दुबे भागने की कोशिश कर रहा था. इसी जवाबी कार्रवाई में विकास की मौत हो गई.

कानपुर के भौती इलाके में क्या हुआ था?

कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना सुबह हई. उन्होंने कहा ‘‘ तेज बारिश हो रही थी. पुलिस ने गाड़ी तेज भगाने की कोशिश की जिससे वह डिवाइडर से टकराकर पलट गयी और उसमें बैठे पुलिसकर्मी घायल हो गये. उसी मौके का फायदा उठाकर दुबे ने पुलिस के एक जवान की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की और कुछ दूर भाग भी गया. ’’

कुमार ने कहा, ‘‘तभी पीछे से एस्कार्ट कर रहे एसटीएफ के जवानों ने उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की और उसी दौरान उसने एसटीएफ पर गोली चला दी जिसके जवाब में जवानों ने भी गोली चलाई और वह घायल होकर गिर पड़ा. हमारे जवान उसे अस्पताल लेकर गये जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.’’

एसआई रामाकांत पचूरी का पिस्टल छीनकर भाग रहा था विकास

कानपुर आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि, गाड़ी पलटने से विकास दुबे के साथ वाहन में सवार नवाबगंज के पुलिस निरीक्षक रमाकांत पचूरी और कॉन्स्टेबल पंकज सिंह, अनूप कुमार तथा प्रदीप घायल हो गये. मौके का फायदा उठाकर दुबे पचूरी की पिस्तौल छीनकर भाग गया, लेकिन मुठभेड़ में घायल हो गया और फिर अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. अग्रवाल ने बताया कि घायल हुए पुलिसकर्मियों में से एक की हालत गंभीर है और उसे हैलट अस्पताल भेजा गया है.

कानपुर एनकाउंटर मामले में अब तक की कार्रवाई

यूपी पुलिस लॉ एंड ऑडर्र ADG प्रशांत कुमार ने बताया कि, इस घटना में तीन सिविल पुलिस के 4 कर्मी घायल हुए हैं, जिसमें 3 सब इंस्पेक्टर हैं और एक कांस्टेबल हैं. वहीं 2 एसटीएफ कमांडो को भी गंभीर चोटें आई है. इसके अलावा उन्होंने जानकारी दी कि, कानपुर एनकाउंटर मामले में अब कुल 21 अभियुक्त नामजद थे और 60 से 70 अन्य अभियुक्त थे. इनमें अब तक 3 लोग गिरफ्तार हुए हैं और 120बी के तहत 7 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है. जबकि 12 इनामी बदमाश मोस्ट वांटेड चल रहे हैं.

गौरतलब है कि दो तीन जुलाई की दरमियानी रात कानपुर के चौबेपुर इलाके के बिकरू गांव में विकास दुबे को गिरफ्तार करने गए पुलिस दल पर दुबे और उसके साथियों ने गोलियां बरसाई थीं, जिसमें एक पुलिस उपाधीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे.