नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 जयंती पर उन्हें पूरा देश आज याद कर रहा है. लेकिन पश्चिम बंगाल में 'नेताजी' को लेकर सियासत तेज हो गई है. एक ओर केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल चुनाव को साधते हुए नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस मनाने की घोषणा की है, तो वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने इस दिन को राष्ट्रीय छुट्टी के रूप में घोषित करने की मांग की है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि, केंद्र ने नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस घोषित करने से पहले राज्य सरकार से किसी बात की चर्चा नहीं की.

वहीं, उन्होंने मांग करते हुए कहा कि, केंद्र को नेताजी के जन्मदिन को राष्ट्रीय छुट्टी घोषित करना चाहिए.

ममता बनर्जी ने इस अवसर पर एक जन रैली की और लोगों को संबोधित किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, हमने आज 'देशनायक दिवस' मनाया है. रवींद्रनाथ टैगोर ने नेताजी को 'देशनायक' कहा था. उन्होंने पूछा, क्या है ये 'पराक्रम'.

उन्होंने कहा, जब नेताजी ने भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो उन्होंने गुजरात, बंगाल, तमिलनाडु के लोगों सहित सभी को लिया. वह अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति के खिलाफ खड़ा था.

ममता बनर्जी ने कोलकाता को भी देश की राजधानी बनाने की मांग की. उन्होंने कहा, 'मेरा मानना ​​है कि भारत में 4 राजधानियां होनी चाहिए. अंग्रेजों ने पूरे देश पर कोलकाता से शासन किया. हमारे देश में केवल एक ही राजधानी क्यों होनी चाहिए.

ममचा बनर्जी ने आजाद हिंद स्मारक का निर्माण करने की घोषणा की और कहा हम बताएंगे कि यह कैसे किया जाएगा. उन्होंने मूर्तियों के निर्माण और एक नए संसद परिसर में हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं.