भारत सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाने का ऐलान किया है. अब हर साल इस दिन को देश पराक्रम दिवस के रूप में जानेगा और आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले सुभाष चंद्र बोस को याद करेगा. निर्भीक, निडर, मातृभूमि प्रेमी, आजादी का मतवाला इन खास नामों से पहचाने गए नेताजी सुभाष चंद्र बोस को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित इन बड़े नेताओं ने उन्हें याद किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, 'महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन. कृतज्ञ राष्ट्र देश की आजादी के लिए उनके त्याग और समर्पण को सदा याद रखेगा.'

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, 'नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के साहस और पराक्रम ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई शक्ति प्रदान की. उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अपने करिश्माई नेतृत्व से देश की युवाशक्ति को संगठित किया. स्वतंत्रता आन्दोलन के ऐसे महानायक की 125वीं जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन.'

इसके आगे दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'सम्पूर्ण राष्ट्र नेताजी के पराक्रम और अविरल संघर्ष के लिए सदैव ऋणी रहेगा. उनकी जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उन्हें एक अभूतपूर्व श्रद्धांजलि दी है. समस्त देशवासियों को पराक्रम दिवस की शुभकामनाएं देता हूँ.'

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने लिखा, 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, अभिजात राष्ट्रभक्त नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी को उनकी जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से नमन एवं सभी देशवासियों को 'पराक्रम दिवस' की शुभकामनाएं. आइए, आज 'पराक्रम दिवस' पर हम सभी 'नेताजी' के बताए मार्ग का अनुसरण करने हेतु संकल्पित हों. जय हिंद.'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा, 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी की 125वीं जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन. देश के प्रति नेताजी के महान विचार आज भी हम सबको प्रेरणा देते हैं.'

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व त्याग कर हर कठिनाई का सामना करना स्वीकार किया, ऐसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर मैं नमन करता हूँ. उनके साहस और पराक्रम से आने वाली पीढ़ियाँ भी प्रेरणा प्राप्त करती रहेंगी.'

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लिखा, 'नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 125वें जयंती वर्ष के समारोहों के शुभारंभ के अवसर पर उनको सादर नमन. उनके अदम्य साहस और वीरता के सम्मान में पूरा राष्ट्र उनकी जयंती को "पराक्रम दिवस" ​​के रूप में मना रहा है. नेताजी ने अपने अनगिनत अनुयायियों में राष्ट्रवाद की भावना का संचार किया.'