नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) अप्रैल के आखिरी दो सप्ताहों के दौरान जब राष्ट्रीय राजधानी पर कोरोना वायरस महामारी की सबसे अधिक मार पड़ी तब प्रबंधकों, आईटी पेशेवर, डॉक्टर, लाइफ कोच, एवं अन्य लोग इस अदृश्य दुश्मन के प्रहार से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए साथ आये।

दिल्ली के अभिजीत दत्ता ने 26 अप्रैल को छह का व्हाट्सअप ग्रुप बनाया और ‘ टीम एवेंजर्स’ नामक इस ग्रुप का दावा है कि उसने दिल्ली एनसीआर, झांसी और गोरखपुर में भोजन के 7,123 पैकेट एवं 4000 से अधिक राशन किट एवं मेडिकल किट पहुंचाए।

दत्ता ने पीटीआई -भाषा से कहा, ‘‘ (अप्रैल के) उन सप्ताहों के दौरान हमारे आसपास के कई लोगों के बहुत मुश्किल भरे वक्त थे। हम अपने रिश्तेदारों, दोस्तों, सहयोगियों से खबरें सुन रहे थे। और हर व्यक्ति, जैसे भी संभव हो, अपनी क्षमता से मदद करने का प्रयास कर रहा था, तब हमने एक साझा ग्रुप बनाने का फैसला किया, जहां हम समन्वय कर सकते थे।’’

यह छोटा सा समूह लगातार बढ़ता गया और अब इस टीम में छह से बढकर 56 सदस्य हो गये हैं, जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश के दो जिलों में सक्रिय हैं।

इस समूह ने प्रभावित परिवारों को घर का पका भोजन मुफ्त पहुंचाने के अलावा उन्हें राशन किट, दवाइयां एवं ऑक्सीजन संबंधी सहयोग दिया। साथ ही समूह के सदस्यों ने कोरोना प्रभावित परिवारों को एंबुलेंस, पृथक-वास केंद्रों एवं अस्पतालों में बिस्तर की सूचनाएं भी उपलब्ध करायीं।

गुड़गांव की एक कंपनी में 45 वर्षीय प्रबंधक दत्ता ने कहा, ‘‘ हम मरीजों को जो संसाधन उपलब्ध करवा रहे थे, उसके संबंध में सूचनाओं का सत्यापन एवं पुनर्सत्यापन करते थे। खाली बेडों, ऑक्सीजन सिलेंडरों और दवाइयों से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलने पर हम उसकी पुष्टि कर लेते थे।’’

इस टीम ने लोगों का डॉक्टरों, मेडिकल शोधकर्ताओं, लाइफ कोच और सामाजिक कार्यकर्ताओं से संपर्क बनाने में मदद की, जिन्होंने कोविड मरीजों एवं उनके परिवारों को ऑनलाइन परामर्श दिया कि कैसे इस रोग का मुकाबला किया जाए तथा उन्हें यह भी बताया कि संक्रमणमुक्त होने के बाद विषाद से कैसे उबरा जाए।

दत्ता ने बताया कि टीम दिल्ली एनसीआर में घरेलू सहायिकाओं, दिहाड़ी मजदूरों को तथा अस्पतालों, झुग्गी बस्तियों, रेलवे स्टेशनों आदि स्थानों पर मास्क, सैनिटाइजर, मूलभूत दवाइयां, विटामिन की गोलियों वाली मेडिकल किट बांट रही है।

भाषा

राजकुमार दिलीप

दिलीप