नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) जीएसटी परिषद की बैठक से पहले कांग्रेस शासित पंजाब ने कोविड-19 इलाज में उपयोगी जीवन रक्षक उत्पादों पर कर की दर कम किये जाने की मांग की है। साथ ही कर दरों की समीक्षा और छूट, विवाद समाधान निकाय का गठन जैसे लंबित सुधारों को लागू करने तथा राज्यों के राजस्व की कमी की भरपाई के लिये उपाय करने को कहा है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने जीएसटी की न्यूनतम ऊंचे में उसका एक दायरा (बैंड) तय किये जाने पर चर्चा की भी मांग की। इसके तहत राज्यों को उस दायरे के भीतर राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) तय करने की अनुमति दी जानी चाहिये। क्योंकि राज्यों को राजस्व को लेकर जो आश्वासन दिया गया था, वह उसमें करीब 20 प्रतिशत कमी से जूझ रहे हैं।

सीतारमण माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की प्रमुख हैं। परिषद में सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

छह पृष्ठ के पत्र में उन्होंने जीएसटी परिषद की राजनीतिक निगरानी के बिना प्रवर्तन के नाम पर नौकरशाहों को जीएसटी नियमों को बदलाव करने की अनुमति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा इस तरह का कदम एक ‘खतरनाक’ उदाहरण पेश करता है।

जीएसटी परिषद की करीब आठ महीने बाद शुक्रवार (28 मई) को बैठक होगी।

बादल ने कहा कि महामारी से लड़ने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक परिधान, डिजिटल थर्मामीटर, प्रयोगशाला सैनिटाइजर / कीटाणुनाशक और पेपर बेड शीट सहित कई सामान पर 20 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क और 18 प्रतिशत तक माल और सेवा कर (जीएसटी) लगता है।

उसके ऊपर, ऐसी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत सामाजिक कल्याण अधिभार लगाया जाता है।

बादल ने कहा, ‘‘कर योग्य मूल्य पर आईजीएसटी (एकीकृत जीएसटी) लगाया जाता है। इसमें आयात शुल्क भी शामिल है। इससे प्रभावी बोझ 2-3 प्रतिशत और बढ़ जाता है।

उन्होंने पत्र में लिखा है, ‘‘यह चौंकाने वाली बात है कि संकट के बावजूद उन जरूरी सामानों पर इतने उच्च दर से कर लगाया जा रहा है, जो इस जानलेवा बीमारी से उबरने के लिए आवश्यक है।’’

बादल ने कर चोरी को खत्म करने और कर क्रेडिट श्रृंखला को सरल बनाने के लिए कर दरों तथा छूट की समीक्षा और उनके बीच तालमेल बनाने का भी सुझाव दिया।

उन्होंने एडवांस रूलिंग अथॉरिटी को मजबूत करके जीएसटी को भरोसेमंद बनाने और देश भर में समान रूप से क्रियान्वयन के लिए दिशानिर्देश जारी करने का भी आह्वान किया।

बादल ने संघीय ढांचे को मजबूत करने और राज्यों के साथ प्रभावी विचार-विमर्श के लिये जीएसटी परिषद के उपाध्यक्ष नियुक्त करने और विवाद समाधान व्यवस्था चालू किये जाने की प्रदेशों की बहुप्रतीक्षित मांग का भी जिक्र किया।

उन्होंने न्यूनतम और ऊंची दर का दायरा तय किये जाने पर भी चर्चा की मांग की। इसके तहत राज्यों को जून 2022 के बाद इस दायरे के भीतर अपना राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) तय करने की अनुमति मिल सकती है।

भाषा

रमण महाबीर

महाबीर