नागपुर, 28 अप्रैल (भाषा) नागपुर के व्यापारी प्यारे खान के लिए रमजान के पवित्र महीने में सर्वश्रेष्ठ जकात (परमार्थ) महामारी से प्रभावित इस शहर को ऑक्सीजन जुटाने में मदद करना है।

ट्रांसपोर्ट कंपनी चलाने वाले खान ने अपने पैसे से शहर के लिए 20 ऑक्सीजन टैंकरों का इंतजाम किया है। नागपुर इस जीवन रक्षक गैस की कमी से जूझ रहा है।

खान ने पीटीआई -भाषा को बताया कि उन्होंने ऑक्सीजन सांद्रक एवं सिलेंडरों की खरीद पर एक करोड़ रूपये खर्च कर दिये हैं।

उन्होंने कहा कि अखबारों के माध्यम से उन्हें अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी के बारे में पता चला।

खान ने कहा, ‘‘ रमजान का पवित्र महीना शुरू हो गया था। हम इस दौरान जकात (परमार्थ हेतु चंदा) देते हैं, मैंने सोचा कि इस बार मस्जिद या मदरसे को देने के बजाय हमें ऑक्सीजन की कमी के समाधान के लिए कुछ करना चाहिए।’’

उन्होंने बताया कि पहले हमने बेंगलुरु में आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क किया और सामान्य दर से दोगुणा-तीगुणा का भुगतान करके दो ऑक्सीजन टैंकरों का प्रबंध किया।

उन्होंने बताया कि नागपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें विशाखापत्तनम से ऑक्सीजन आपूर्ति का इंतजाम कराने में मदद की।

खान ने बताया कि उन्होंने अपनी कंपनी के ड्राइवरों को इस पूर्वी तटीय शहर से पांच टैंकर लाने भेजा।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम अब तक करीब 20-22 तरल ऑक्सीजन टैंकरों का इंतजाम कर चुके हैं और करीब एक करोड़ रूपये खर्च किये हैं।’’

उन्होंने बताया कि सरकारी कोविड-19 अस्पतालों में 116 ऑक्सीजन सांद्रकों की खरीद के लिए 50 लाख रूपये दिये।

गडकरी ने मंगलवार को कहा था कि खान और उनकी टीम अपनी पेशेवर विशेषज्ञता से जिला प्रशासन को ऑक्सीजन की ढुलाई की निगरानी में मदद कर रही है।