नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा सोमवार को दिल्ली में छह दिन के लॉकडाउन की घोषणा किए जाने के बाद शराब की दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। शराब के शौकीन तपती धूप में घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।

इस दौरान ग्राहकों के बीच कुछ जगह तीखी बहस भी देखने को मिली। कई लोगों ने गर्मी बढ़ने के साथ-साथ धैर्य खो दिया, तो कुछ स्थानों पर लोगों ने कतारें तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके चलते छिटपुट कहासुनी हो गई।

इस बीच शराब कंपनियों के एक संघ ने बयान जारी कर दिल्ली सरकार से भीड़ काम करने के लिये महाराष्ट्र की तर्ज पर शहर में शराब की घर-घर आपूर्ति शुरू करने का अनुरोध किया है।

दक्षिण दिल्ली में ऐसी ही एक कतार में अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे रवींद्र सक्सेना ने कहा कि वह शराब का स्टॉक रखना चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जा सकती है।

उन्होंने कहा, ''शराब आपके दिमाग को बुरे विचारों से दूर रखने में मदद करती है।''

सक्सेना ने कहा, ''दुकान पर काफी लोग हैं और मैं अपने लिये कम से कम छह से आठ बोतलें खरीदने की कोशिश करूंगा। ''

इससे पहले दिन में केजरीवाल ने छह दिन के लॉकडाउन की घोषणा की, जो आज रात दस बजे शुरू होकर 26 अप्रैल को तड़के पांच बजे खत्म होगा। केजरीवाल ने कहा कि शहर में कोविड-19 के बढ़ते मामलों से निपटने के लिये ऐसा करना जरूरी था।

केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में स्वास्थ्य प्रणाली पर भार बहुत बढ़ गया है, लेकिन यह अभी ध्वस्त नहीं हुई है। प्रतिदिन संक्रमण के 25 हजार से अधिक मामले सामने आने के बावजूद दिल्ली की स्वास्थ्य प्रणाली काम कर रही है।

दिलशाद गार्डन के निवासी भरत शर्मा ने कहा कि जैसे ही उन्हें लॉकडाउन के बारे में पता चला, वह अपने एक मित्र के साथ पास की एक शराब दुकान पर पहुंच गए।

उन्होंने कहा, ''हमने एक घंटे तक इंतजार किया और किसी तरह तीन बोतलें मिल गईं।''

पूरे शहर से इस तरह की खबरें मिलने के बाद कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहॉलिक बीवजरेज कंपनीज (सीआईएबीसी ) ने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया है कि आज हमने लोगों की बीच गहमा-गहमी को देखा, जिनकी पिछले साल लॉकडाउन की यादें ताजा हो गई हैं। शराब भारत में लाखों लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा है और वे इससे वंचित नहीं रहना चाहते।''

सीआईएबीसी के महानिदेशक विनोद गिरि ने एक बयान में कहा, ''हम उम्मीद करते हैं कि दिल्ली में लोग और दुकानदार कोविड नियमों का सही ढंग से पालन करेंगे।महाराष्ट्र में शराब की घर-घर आपूर्ति के निर्णय ने वहां लॉकडाउन के दौरान गहमा-गहमी को रोकने में मदद की है। हम दिल्ली सरकार से ऐसे कदम उठाने पर विचार करने का आग्रह करते हैं।''

कतारों में अपनी बारी की इंतजार कर रहे अनेक लोगों ने कहा कि पिछले साल उन्होंने दोगुने दामों पर शराब खरीदी थी और वे इस बार वैसे हालात नहीं देखना चाहते।

भाषा

शफीक जोहेब माधव

माधव