कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार पर प्रदर्शनकारी किसानों को इधर-उधर की बातों में उलझाने का आरोप लगाया और कहा कि किसान की सिर्फ एक मांग तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘सरकार की सत्याग्रही किसानों को इधर-उधर की बातों में उलझाने की हर कोशिश बेकार है. अन्नदाता सरकार के इरादों को समझता है. उनकी मांग साफ़ है- कृषि-विरोधी क़ानून वापस लो, बस!’’

उल्लेखनीय है कि किसान संगठनों और सरकार के बीच अब तक की बातचीत बेनतीजा रही है. उधर, उच्चतम न्यायालय ने तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन से निबटने के तरीके पर सोमवार को केन्द्र को आड़े हाथ लिया और कहा कि किसानों के साथ उसकी बातचीत के तरीके से वह ‘बहुत निराश’ है. न्यायालय ने कहा कि इस विवाद का समाधान खोजने के लिये वह अब एक समिति गठित करेगा.

अपनी मांगों को लेकर हजारों किसान दिल्ली के निकट पिछले करीब डेढ़ महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान संगठनों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी दी जाए. सरकार का कहना है कि ये कानून कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के कदम हैं और इनसे खेती से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी तथा किसान अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकते हैं.