राजस्थान कांग्रेस में एक महीने तक चले घमासान के बाद अब सारी चीजें पटरी पर आते दिख रही है. कांग्रेस आलाकमान के द्वारा पार्टी में सारी समस्याओं को सुलझाने के लिए कमेटी गठित की गई है. ये कमेटी राजस्थान कांग्रेस में बंटे हुए नेताओं के बीच सुलह कराने का दायित्व पूरा करेगी. वहीं, इस मामले में सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि 100 से ज्यादा कांग्रेस विधायकों का इतने समय तक एक साथ रहना इतिहास रचने जैसा है.

सीएम गहलोत ने कहा, अब पार्टी में शांति, भाईचारा, सद्‌भाव रहेगा. तीन लोगों की कमेटी बनी है, उनकी कोई शिकायतें होंगी तो वो उनको बता देंगे. 100 से ज़्यादा लोगों (विधायकों) का इतने समय तक एक साथ रहना इतिहास बन गया है, एक आदमी टूट कर नहीं गया.

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उन्होंने आगे कहा, जो लोग आएं हैं वो किन परिस्थितियों में गए थे, उनसे क्या वादें किए गए थे, उन्हें मुझसे क्या नाराजगी है उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा, बीजेपी को मुंह की खानी पड़ी है. अब संकट लोकतंत्र को बचाने का है, ED, आयकर,CBI का दुरुपयोग चुन-चुन कर और बेशर्मी से हो रहा है.

गहलोत ने कहा, 'अब इतनी बेशर्म सरकार आई है कि लोग क्या कहेंगे चिंता ही नहीं है, जब आप (बीजेपी) धर्म के नाम पर राजनीति करोगे तो ये जो भावना है इसकी परवाह ही मत करो लोग क्या कहेंगे, धर्म के नाम पर बांटो, चुनाव जीत के आओ.'

वहीं, सचिन पायलट ने इस मामले में कहा है कि, मैंने अपने परिवार से कुछ संस्कार हासिल किए हैं. कितना भी मैं किसी का विरोध करुं किसी भी दल का नेता हो मेरा कट्टर दुश्मन भी हो. मैंने कभी ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया. अशोक गहलोत जी उम्र में मुझसे काफी बड़े हैं और व्यक्तिगत रूप से मैंने उनका सम्मान ही किया है.