जयपुर, 22 मई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि राजस्थान पहला राज्य है जिसने ब्लैक फंगस को अधिसूचित बीमारी (नोटिफिएबल डिजीज) घोषित किया।

गहलोत ने ट्वीट किया, '' मुझे खुशी है कि राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है जिसने राजस्थान महामारी एक्ट 2020 के तहत ब्लैक फंगस को अधिसूचित रोग घोषित किया है और इसके निःशुल्क उपचार हेतु प्रावधान किया है।''

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, '' कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बार-बार भारत में कोरोना महामारी प्रबंधन से सम्बन्धित महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी चिन्ता व्यक्त की हैं।''

गहलोत के अनुसार,'' सोनिया गांधी ने ब्लैक फंगस के लिए आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और इसका निःशुल्क उपचार करने का सुझाव दिया है जो आम आदमी के लिए बहुत ही आवश्यक है। आज देश का आम नागरिक कोराना की दूसरी लहर से लड़ रहा है।''

उल्लेखनीय है कि राजस्थान के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डा रघु शर्मा ने शुक्रवार को कहा था कि राज्य में म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के लगभग 700 मामले सामने आए हैं और राज्य सरकार ने इस बीमारी को महामारी घोषित किया है। सरकार ने इस बीमारी के उपचार के लिये प्रोटोकॉल तय किया है।

सरकार ने ब्लैक फंगस संक्रमण के उपचार के लिये राज्यभर में नौ सरकारी और 11 निजी अस्पतालों को अनुमत किया है। इन अस्पतालों में नाक,कान, गला (ईएनटी) और आखों के विशेषज्ञ हैं और उपचार के संसाधन उपलब्ध हैं।

वहीं, राज्य सरकार ने शनिवार को एक आदेश जारी कर जिलों के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा कि वे ब्लैक फंगस के रोगियों की शुरू में ही पहचान सुनिश्चित करें।

इसके तहत पिछले 35 दिन में कोरोना संक्रमण से ठीक हुए उन मरीजों की सूची तैयार करने को कहा गया है जो मधुमेह या कैंसर से पीड़ित हैं या जिनका अंग प्रत्यारोपण हुआ है। अधिकारियों से अभियान चलाकर यह काम करने को कहा गया है।

भाषा पृथ्वी शफीक