सुपरस्टार रजनीकांत ने प्रॉपर्टी टैर्स को लेकर ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दर्ज की थी. इसपर बुधवार को सुनवाई हुई और इस दौरान अदालत ने रजनीकांत को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा. दरअसल कोर्ट ने उन्हें उनका समय बर्बाद करने की बात कही. इसपर रजनीकांत ने कहा कि कोर्ट जाकर उन्होंने गलती कर दी.

रजनीकांत ने निगम को पूरे साल का कर दिया. रजनीकांत ने कहा था कि अगर लॉकडाउन में शादी ही नहीं हुई तो कर क्या देना और इसी बात पर अदालत ने उन्हें काफी कुछ सुनाया. अभिनेता रजनीकांत ने शुक्रवार को ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन को अपने मैरिज हॉल ‘राघवेंद्र मंडपम’ का 2020-21 की दूसरी छमाही के लिए 6.39 लाख रुपये के संपत्ति कर का भुगतान किया. पहली छमाही वर्ष (2020-21) के लिए दंड सहित 6.56 लाख रुपये के संपत्ति कर का भुगतान करने के एक दिन बाद, अभिनेता ने अब दूसरी छमाही के लिए 6,39,846 रुपये का भुगतान किया है.

गुरुवार को अभिनेता ने कहा था कि मण्डपम के लिए कर की मांग के मामले में नगर निगम से अपील की जानी चाहिए थी और अदालत जाने की गलती नहीं होनी चाहिए थी.