केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में गुरुवार को बड़ा बयान देते हुए कहा है कि, भारत और चीन के बीच LAC पर महीनों से जारी तनाव खत्म हो गया है. उन्होंने कहा, LAC के पास पैंगोंग लेक विवाद पर समझौता हो गया है और अब यहां से दोनों ही देश की सेनाएं अपने सैनिकों को पीछे हटाएंगी.

रक्षामंत्री ने कहा, फ्रिक्शन क्षेत्रों में डिसइंगेजमेंट के लिए भारत का यह मत है कि 2020 की फॉरवर्ड डिप्लॉयमेंट जो एक-दूसरे के बहुत नजदीक हैं वे दूर हो जाएं और दोनों सेनाएं वापस अपनी-अपनी स्थाई एवं मान्य चौकियों पर लौट जाएं.

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उन्होंने कहा, बातचीत के लिए हमारी रणनीति तथा दृष्टिकोण प्रधानमंत्री मोदी के इस दिशा निर्देश पर आधारित है कि हम अपनी एक इंच ज़मीन भी किसी और को नहीं लेने देंगे. हमारे दृढ़ संकल्प का ही यह फल है कि हम समझौते की स्थिति पर पहुंच गए हैं.

राज्सभा में रक्षामंत्री ने कहा, सितंबर, 2020 से लगातार सैन्य और राजनयिक स्तर पर दोनों पक्षों में कई बार बातचीत हुई है कि इस डिसइंगेजमेंट का परस्पर स्वीकार्य करने का तरीका निकाला जाए. अभी तक वरिष्ठ कमांडर के स्तर पर 9 राउंड की बातचीत हो चुकी है. पांगोंग झील क्षेत्र में चीन के साथ डिसइंगेजमेंट का जो समझौता हुआ है उसके अनुसार दोनों पक्ष फॉरवर्ड डिप्लॉयमेंट को फेसड, कोऑर्डिनेडेड और वेरिफाइड मैनर में हटाएंगे.

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राजनाथ सिंह ने सदन को बताया, चीन अपनी सेना की टुकड़ियों को नॉर्थ बैंक में फिंगर 8 के पूर्व की दिशा के तरफ रखेगा और इसी तरह भारत भी अपनी सेना की टुकड़ियों को फिंगर 3 के पास अपने स्थायी बेस पर रखेगा. इसी तरह की कार्यवाही दोनों पक्षों द्वारा साउथ बैंक एरिया में की जाएगी.

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