मुंबई, 26 मई (भाषा) केरल वन विभाग द्वारा बचाये गये एक यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध को महाराष्ट्र की सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में 700 किलोमीटर दूर देखा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पक्षीविज्ञानियों के अनुसार, महाराष्ट्र में इस पक्षी का दिखना दुर्लभ है।

सह्याद्रि बाघ अभयारण्य के मुख्य वन संरक्षक क्लेमेंट बेन ने कहा, ‘‘एक यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध को सह्याद्रि टाइगर रिजर्व में देखा गया था। पक्षी को कन्नूर में टैग किया गया था और केरल के वायनाड वन्यजीव अभयारण्य में उसे छोड़ा गया था।’’

वन रक्षक संतोष चालके ने पहली बार नौ मई को पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले की पाटन तहसील में पक्षी को देखा था और कुछ तस्वीरें खींची।

सतारा जिले के मानद वन्यजीव वार्डन रोहन भाटे ने कुछ गिद्ध अध्ययन समूहों पर तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की, जिससे पता चला कि इसे केरल में टैग किया गया था।

भाटे के अनुसार, गिद्धों की यह प्रजाति मुख्य रूप से तिब्बत, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत में हिमालय पर्वतमाला में पाई जाती है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसे भोजन की तलाश में लंबी दूरी तय करने के लिए जाना जाता है। आठ से नौ फुट तक फैलने वाले पंखों के साथ इस गिद्ध की ऊंचाई आमतौर पर 125 सेंटीमीटर होती है। इसका वजन लगभग 8-10 किलोग्राम होता है।’’