कोलकाता 26 मई (भाषा) प्रख्यात बांग्ला लेखिका एवं अनुवादक एनाक्षी चटर्जी का मंगलवार को कोरोना वायरस से जुड़ी जटिलताओं के चलते दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया।

पारिवारिक सूत्रों ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी। वह 86 वर्ष की थीं।

एनाक्षी का बांग्ला और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं पर समान अधिकार था। उन्होंने हास्य, लोकप्रिय विज्ञान, कविता सहित साहित्य की विभिन्न विधाओं में रचनाएं लिखी। विज्ञान विषय पर ही अकेले उनकी 40 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित भी हुईं।

उन्हें बाल साहित्य बेहद प्रिय था। इसके लिए उन्हें विद्यासागर अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।

एनाक्षी ने परमाणु वैज्ञानिक शांतिमय चटर्जी से विवाह किया था, जिसके बाद वह कोलकाता में ही रहने लगीं।

एनाक्षी का जन्म 1934 में पटना में वकीलों के एक परिवार में हुआ था। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली। कॉलेज के दिनों से ही वह अकादमिक के अलावा खेल के क्षेत्र में भी विशेष रूचि लिया करतीं थीं।

एनाक्षी को उनकी पुस्तक परमाणु जिज्ञासा के लिए रबीन्द्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुस्तक उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर लिखी थी। साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें कालीदास नाग मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया।

लेखिका होने के साथ ही एनाक्षी एक उच्च कोटि की अनुवादक भी थीं। उन्होंने बंगाली और अंग्रेजी में लिखी गयी कई पुस्तकों का अनुवाद भी किया। एनाक्षी ने विक्रम सेठ के प्रसिद्ध उपन्यास ए स्यूटेबल ब्वाय का भी अनुवाद किया।

भाषा रवि कांत पवनेश

पवनेश