कोविड-19 महामारी के बीच मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत 11 राज्यों की 58 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए मंगलवार को मतगणना होगी. मप्र की 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव का परिणाम राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार का भविष्य तय करेंगे. 

अधिकारियों ने बताया कि मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू होगी और चुनाव आयोग के कोविड-19 दिशा-निर्देशों के अनुसार एक उम्मीदवार, उनका चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंट मतगणना केन्द्र के हॉल में मौजूद रह सकते हैं. उन्होंने बताया कि मतगणना स्थलों पर सामाजिक दूरी बनाये रखने के लिए विभिन्न कदम उठाये गये हैं. मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी सीटों पर उपचुनाव हुए हैं.

मप्र के उपचुनाव में सरकार दांव पर 

मप्र में इस वर्ष मार्च में कांग्रेस के 22 विधायकों ने त्यागपत्र दे दिया था जिससे अल्पमत में आई कमलनाथ सरकार अल्पमत में आकर गिर गई थी. इनमें अधिकांश विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक थे, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए. सिंधिया स्वयं भी मार्च में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये थे. मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान में भाजपा के 107, कांग्रेस के 87, बसपा के दो, सपा का एक और चार निर्दलीय विधायक हैं.

उपचुनाव की घोषणा होने के बाद दमोह से कांग्रेस के विधायक राहुल लोधी भी त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल हो गये. सदन की प्रभावी संख्या 229 के आधार पर बहुमत का जादुई आंकड़ा 115 का होता है. भाजपा को इस आंकड़े को पाने के लिये आठ सीट की जरूरत है जबकि कांग्रेस को सभी 28 सीटें जीतना जरूरी है.

यूपी की 7 सीटों पर हुए हैं उपचुनाव

उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के लिये मतगणना होगी. प्रशासन की तरफ से सुचारू मतगणना के लिये व्यापक इंतजाम किये गए हैं. इन सीटों पर तीन नवंबर को उपचुनाव हुआ था. उपचुनाव में औसतन 53 फीसदी मतदाताओं ने 88 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद कर दिया था. जिन सीटों पर उपचुनाव हुआ था उनमें नौगांव सादात, टुंडला, बांगरमउ, बुलंदशहर, देवरिया, घाटमपुर और मल्हनी विधानसभा सीटें शामिल है.

इन राज्यों में भी हुए उपचुनाव 

उपचुनाव के तहत गुजरात की आठ विधानसभा सीटों, मणिपुर की चार सीटों और हरियाणा की एक सीट, छत्तीसगढ़ की एक, झारखंड की दो सीटों, कर्नाटक की दो विधानसभा सीटों के लिए मतगणना होगी. इसके अलावा नगालैंड की दो सीटों, तेलंगाना की एक सीट और ओडिशा की दो सीटों के लिए भी वोटों की गिनती होगी.

मणिपुर को छोड़कर सभी सीटों पर तीन नवम्बर को मतदान हुआ था. मणिपुर की विधानसभा सीटों के लिए सात नवम्बर को मतदान हुआ था.

बिहार की वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट पर भी मतगणना 

इसके अलावा बिहार की वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए भी मतगणना होगी. बिहार में मंगलवार को विधानसभा चुनाव के नतीजे भी आयेगे.

गुजरात की आठ विधानसभा सीटों अबडासा, लिंबडी, करजण, गढडा, मोरबी, धारी, डांग और कपराडा पर तीन नवंबर को उपचुनाव हुए थे और कुल 60.75 फीसदी मतदान हुआ था.

उपचुनाव में कुल 81 उम्मीदवार इन आठ सीटों पर अपना भाग्य आजमाने चुनाव मैदान में उतरे.

इस साल जून में हुए राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के मौजूदा विधायकों के इस्तीफा देने के चलते इन सीटों पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया.

इनमें से पांच बाद में सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए थे और पार्टी ने उन्हें उन सीटों से मैदान में उतारा है जिन पर उन्होंने 2017 में जीत दर्ज की थी.

इन विधानसभा सीटों में मतगणना के लिए आठ केन्द्र बनाये गये हैं.

झारखण्ड में दुमका तथा बेरमो विधानसभा सीट पर हुए उपचुनावों की मतगणना भारी सुरक्षा के बीच होगी जिसके लिए सभी तैयारियां कर ली गयी हैं.

झारखंड के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी हीरालाल मंडल ने बताया कि दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना मंगलवार को सुबह आठ बजे प्रारंभ हो जायेगी.

उन्होंने बताया कि सब कुछ सामान्य रहने पर मतगणना दोपहर तीन बजे तक संपन्न हो जाने की संभावना है.

नगालैंड में दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के मतों की गिनती के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं.

नगालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिन्हा ने कहा कि मतगणना के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा के सभी नियमों का पालन किया जाएगा क्यों​कि यह कवायद कोविड-19 महामारी के बीच हो रही है.

प्रदेश की दो विधानसभा सीटों-कोहिमा की दक्षिण अंगामी-1 और किफिरे जिले की पुंगरो किफिरे के लिए उपचुनाव कराया गया था. दोनों सीट इन निर्वाचन क्षेत्रों के विधायकों-क्रमश: विखो-ओ युशू तथा टी तोरेचु के निधन के बाद रिक्त हो गई थीं.

दक्षिण अंगामी-1 सीट पर मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी के उम्मीदवार मेदो यूखा तथा विपक्षी एनपीएफ के किकोवी ​कीरा तथा निर्दलीय उम्मीदवार एस पीटर जशुमो के बीच है. पुंगरो किफिरे सीट पर कांग्रेस के खासेओ अनार तथा भाजपा के एल संगतम समेत पांच उम्मीदवार मैदान में हैं.

ओड़िशा में दो विधानसभा सीटों पर हुये उपचुनाव के लिये सख्त कोविड-19 प्रोटोकॉल के बीच मतों की गिनती का काम मंगलवार को होगा और इसके लिये सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है. प्रदेश के बालासोर एवं तिरतोल ​विधानसभा क्षेत्रों में तीन नवंबर को उपचुनाव कराये गये थे. ओड़िशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस के लोहानी ने बताया कि बालासोर विधानसभा सीट के उपचुनाव के मतों की गिनती जिलाधिकारी के कार्यालय परिसर में की जायेगी ज​बकि तिरतोल के मतों की गिनती जगतसिंहपुर के एस वी एम कॉलेज में होगी.

मणिपुर में चार विधानसभा सीटों पर सात नवम्बर को हुए उपचुनाव में लगभग 91.54 प्रतिशत मतदान हुआ था. थौबल जिले में लिलोंग और वांगजिंग-टेंथा सीटों और कांगपोकपी में सेतु और इम्फाल पश्चिम में वांगोई सीट के लिए उपचुनाव हुआ था.

छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की मृत्यु होने के बाद रिक्त हुई मरवाही विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हुआ था. उपचुनाव में 77.89 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.

तेलंगाना की दुब्बाक विधानसभा सीट पर सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और विपक्षी भाजपा तथा कांग्रेस के बीच मुकाबला है. इस वर्ष अगस्त में टीआरएस के मौजूदा विधायक सोलिपेटा रामलिंगा रेड्डी के निधन के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराया गया है.

हरियाणा की बरोदा विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव कराया गया और यह सीट कृष्ण हुड्डा के निधन के कारण अप्रैल में रिक्त हो गई थी. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार योगेश्वर दत्त समेत 14 उम्मीदवार मैदान में हैं.

कर्नाटक में दो विधानसभा सीटों- बेंगलुरु शहरी जिला स्थित आरआर नगर और तुमकुरु जिला स्थित सिरा में उपचुनाव हुआ था. इन दोनों सीटों पर उपचुनाव सिरा से विधायक बी सत्यनारायण के निधन और आरआर नगर से कांग्रेस के विधायक मुनिरत्ना के इस्तीफा देने के चलते कराना पड़ा. बी सत्यनारायण जद (एस) के टिकट पर विजयी हुए थे.