कांग्रेस नेता सचिन पायलट मंगलवार को नयी दिल्ली से जयपुर पहुंचे. इस अवसर पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक स्वागत के लिए मौजूद थे. पायलट ने जयपुर में कहा कि उन्होंने पार्टी से किसी पद की मांग नहीं की है. इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी आलाकमान द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति जल्द ही अपना काम शुरू करेगी.

मेरे बारे में कुछ अनुचित चीजें बोली गईं- पायलट 

लगभग एक महीने बाद जयपुर पहुंचे पायलट ने अपने निवास पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे बारे में व्यक्तिगत रूप से कुछ ऐसी बातें बोली गईं जिनको मैं उचित नहीं मानता था. जिन शब्दों का प्रयोग हुआ, जिस शब्दावली का इस्तेमाल किया गया, उसे सुनकर मुझे दुख भी हुआ, आश्यर्च भी हुआ और पीड़ा भी हुई. ’’

पायलट ने कहा, ‘‘इन सब के बावजूद मैंने यह समझा कि राजनीति में अगर कोई उदाहरण स्थापित करना है... संवाद में शालीनता, विनम्रता अगर हमें रखनी है..अगर आने वाली पीढी के लिए उदाहरण स्थापित करना है तो मैंने वो घूंट पीकर भी कभी जवाब नहीं दिया. लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हमलोग इंसान नहीं हैं. ’’

राहुल-प्रियंका व सोनिया जी ने हमारी बातों को सुना- पायलट 

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की भावना आहत हो सकती है लेकिन बावजूद उनके सभी साथियों ने यह निर्णय लिया कि हम लोग अपनी बात कांग्रेस पार्टी के अंदर रखेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने हमारी बातों को सुना.

उन्होंने कहा कि हमने विभिन्न मुद्दों को विस्तार से रखा, चाहे वे मुद्दे नेतृत्व के हों, कार्यशैली के हों, जनता के प्रति अपने काम को और गति देने के हों, विकास के हों, कार्यकर्ताओं की भागीदारी के हों, मान—सम्मान के हो, प्रतिष्ठा के हों या आत्मसम्मान के हों.

उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की एक उच्च स्तरीय कमेटी बनी है जो समयबद्ध तरीके से इन सभी समस्याओं का समाधान करने के लिये नियुक्त की गई है. उन्हें पूरा विश्वास है कि बहुत जल्द यह कमेटी अपना काम चालू करेगी और सारी बातों को सुनने के बाद जो न्याय संगत होगा, उस पर कार्रवाई करेगी.

जयपुर में पायलट समर्थकों ने लगाए नारे 

पायलट सड़क मार्ग से शाम में जयपुर पहुंच गये. पायलट के राजधानी जयपुर में पहुंचने की खबर मिलने पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक उनके निवास के बाहर एकत्रित हो गये और उनके समर्थन में नारे लगाने लगे.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सचिन पायलट के बीच सोमवार को बैठक हुयी थी और इसके साथ ही लगभग एक महीने से चल रहे राजस्थान संकट के सौहार्दपूर्ण हल निकलने का संकेत दिया गया था.