झारखंड के दुमका जिले में शिकारीपाड़ा स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा से एक करोड़ 15 लाख पचास हजार रुपये का गबन करने के आरोप में शाखा के प्रबंधक (मैनेजर) को पुलिस ने शुक्रवार को उनकी शाखा के ही एक सफाई कर्मचारी के साथ गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने उनके पास से गबन की गयी राशि में से 1 लाख 48 हजार रुपये बरामद भी कर लिये.

गबन की इस बड़ी घटना की जानकारी देते हुए दुमका के पुलिस अधीक्षक अंबर लकड़ा ने बताया कि अभी तक की जांच में एक करोड़ 15 लाख 50 हजार रुपये गबन करने का मामला प्रकाश में आया है, परन्तु विस्तृत जांच में गबन की राशि में बढ़ोतरी की आशंका है.

लकड़ा ने बताया कि गिरफ्तार बैंक के शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और शाखा में कार्यरत एक सफाई कर्मचारी और उनके परिजनों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है जबकि बैंक से जुड़े एटीएम को भी सील कर दिया गया है.

उन्होंने बताया कि इस मामले की अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में गठित स्पेशल टास्क फोर्स के अलावा बैंक की निगरानी टीम द्वारा भी जाँच की जा रही है.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गबन बैंक में कार्यरत प्रबंधक बिहार में पटना के रहने वाले मनोज कुमार और वहां कार्यरत दुमका के ही रहने वाले एक सफाई कर्मचारी सुनील मंडल की मिलीभगत से किया गया है और इन दोनों को आज गिरफ्तार किया गया है. दोनों की निशानदेही पर अभी पुलिस ने एक लाख, 48 हजार रुपये बरामद किये हैं.

उन्होंने बताया कि चार सितम्बर को उस बैंक के कैश अधिकारी सुधीर कुमार बाऊरी ने शिकारीपाड़ा थाने में यह लिखित शिकायत दर्ज करायी थी कि मनोज कुमार ने धोखाधड़ी एवं जालसाजी कर बैंक से 10.5 लाख रुपये निकाल लिये हैं और फरार हो गये हैं. जबकि शिकारीपाड़ा के पलासी गाँव के पिंटु दत्ता ने उसके लोन खाता से 79 लाख रुपये दूसरे खाता में भेजने की पुलिस से लिखित शिकायत की थी. जाँच में बैंक के एटीएम से भी 26 लाख रुपये गायब पाये गये थे. इसके अलावा बेबी देवी नामक महिला के लोन खाते से भी 27 लाख रुपये गलत ढंग से आईसीआईसी बैंक के एक खाते में हस्तांतरित किये गये थे.

उन्होंने बताया कि इन घटनाओं को अंजाम देने के बाद से बैंक प्रबंधक मनोज कुमार फरार था लेकिन पुलिस की एसआईटी ने बिहार के भागलपुर जिला के शिवगंगा अपार्टमेंट में स्थित उसके एक रिश्तेदार के घर से 10 सितम्बर को गिरफ्तार कर लिया जबकि सफाई कर्मी सुनील मंडल को शिकारीपाड़ा थाना अंतर्गत बरमसिया स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया.

लकड़ा ने बताया कि फर्जीवाड़ा कर गबन करने वाले बैंक प्रबंधक ने पुलिस के सामने यह स्वीकार किया कि वह राजमहल विधानसभा से 2019 का चुनाव लड़ना चाहता था जिस कारण काफी लोगों से उसे कर्ज लेना पड़ा था. किसी भी पार्टी से टिकट नहीं मिलने के कारण वह चुनाव नहीं लड़ सका, वित्तीय बोझ बढ़ जाने के कारण ही बैंक में गबन की इस घटना को उसे अंजाम देना पड़ा.