राजधानी दिल्ली में अभी भी रोजोना ऑक्सीजन की निर्धारित आपूर्ति को पूरा नहीं किया जा रहा है. दिल्ली में 7 मई को 487 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिला वहीं, 6 मई को 577 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दिया गया. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से दिल्ली को रोज 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आगे की स्थिति के समाधान का निर्देश दिया है.

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पीटीआई के मुताबिक, न्यायालय ने कहा कि केंद्र की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्रीय राजधानी में मौजूदा जरूरत के आधार पर रोज 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करे. साथ ही, निर्देश दिया कि दिल्ली में चिकित्सकीय ऑक्सीजन के आवंटन तथा उपलब्धता में कोई कटौती नहीं होनी चाहिए.

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न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने कहा कि केंद्र ने 21 अप्रैल को कहा था कि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है और देश में 16,000 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन उपलब्ध हैं.

पीठ ने कहा, ‘‘हम केंद्र सरकार को रोज 700 मीट्रिक टन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आगे समाधान करने का निर्देश देते हैं.’’

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शीर्ष अदालत ने छह मई को यह आदेश दिया था और इसे शनिवार को अपलोड किया गया.

न्यायालय ने उल्लेख किया कि छह मई को दिल्ली को 577 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गयी जो तय मात्रा से 123 मीट्रिक टन कम है.

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पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत का निर्देश केंद्र द्वारा दिए गए आश्वासन पर आधारित है और पांच मई को उसने रोजाना 700 मीट्रिक टन आपूर्ति बहाल रखने को लेकर फिर से निर्देश दिया था.

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