नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) पूंजी बाजार नियामक सेबी ने इक्विकॉम फाइनेंशियल रिसर्च प्राइवेट लि. और दो व्यक्तियों पर प्रतिभूति बाजार में कारोबार करने से प्रतिबंधित कर दिया है। अपने निवेश उत्पादों पर उच्च रिटर्न का वादा कर भोले-भाले निवेशकों को निवेश के लिये प्रेरित करने को लेकर यह प्रतिबंध लगाया गया है।

नियामक ने पिछले साल जनवरी में कंपनी और व्यक्तियों के खिलाफ अंतरिम अदेश जारी करते हुए उन्हें निवेश सलाहकार के काम से दूर रहने का निर्देश दिया था और पूंजी बाजार में लेन-देन पर रोक लगा दी थी।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने ताजा आदेश में उन्हें प्रतिभूति बाजार से तीन साल के लिये प्रतिबंधित कर दिया है।

सेबी के अनुसार हालांकि अंतरिम आदेश के कारण जो पाबंदी पहले से चल रही है, उसका समायोजन ताजा आदेश में किया जाएगा।

नियामक ने इक्विकॉम फाइनेंशियल रिसर्च के खिलाफ एक अप्रैल, 2015 से 20 मार्च, 2017 की अवधि की जांच की थी।

जांच के दौरान, पाया गया कि इक्विकॉम अपने ग्राहकों को उच्च रिटर्न का वादा कर उन्हें उत्पाद बेच रही थी। इस तरह से वह निवेशकों को निवेश के लिये लुभाया।

सेबी के अनुसार कंपनी ने एक जाल बुना जिसमें भोले-भाले निवेशकों को निवेश के लिये लुभाया गया। साथ ही कंपनी के कर्मचारियों द्वारा बेचे गये निवेश उत्पादों के लिये शुल्क लिया गया।

नियामक ने कहा कि इन सबके दौरान निवेशकों के हितों की अनदेखी की गयी।

जिन दो लोगों पर पाबंदी लगायी गयी है, वे अमित कुकदा और अखिलेश रघुवंशी हैं। वे उस दौरान एक्विकॉम फाइनेंशियल के निदेशक थे।

कंपनी तथा दोनों व्यक्तियों को धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार गतिविधियां निरोधक नियमन और निवेश परामर्श नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया।

भाषा

रमण महाबीर

महाबीर