(ललित के. झा और सज्जाद हुसैन)

वाशिंगटन/इस्लामाबाद, 25 मई (भाषा) पेंटागन की ओर से कहा गया है कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता को निलंबित रखने की पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति को बरकरार रखा है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन भविष्य में इस बारे में अपने रूख में बदलाव लाएगा या नहीं।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2018 में पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी सुरक्षा सहायता निलंबित करते हुए कहा था कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान की भूमिका तथा उसकी ओर से मिलने वाले सहयोग को लेकर संतुष्ट नहीं हैं।

पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने एक संवाददाता सम्मेलन में सोमवार को कहा, ‘‘पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से दी जाने वाली सुरक्षा सहायता अब भी निलंबित है। आगे इसमें कोई बदलाव होगा या नहीं इस बारे में मैं अभी कुछ नहीं कहना चाहता।’’

किर्बी से सवाल किया गया था कि राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने इस विषय पर पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन की नीति की समीक्षा की है या नहीं? उनसे पूछा गया था कि क्या इसमें कोई परिवर्तन किया गया है या पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर चर्चा हुई है?

किर्बी ने बताया कि इससे पहले रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से बात की। ऑस्टिन ने जनरल बाजवा के साथ साझा हितों एवं लक्ष्यों के बारे में चर्चा की।

उन्होंने बताया, ‘‘रक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान शांति वार्ता में पाकिस्तान के समर्थन की सराहना की और अमेरिका-पाकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने की अपनी इच्छा जाहिर की।’’

ऑस्टिन ने ट्वीट किया, ‘‘मैंने दोहराया कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों की मैं सराहना करता हूं। क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता को बढ़ाने की खातिर मिलकर काम करने की इच्छा भी मैंने दोहराई।’’

एक दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने जिनेवा में अपने पाकिस्तानी समकक्ष मोईद यूसुफ से मुलाकात की।

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एमिली होर्न ने बताया, ‘‘दोनों पक्षों ने साझा हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की तथा व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर बात की। इस संवाद को जारी रखने पर भी दोनों ओर से सहमति बनी।’’

व्यक्तिगत उपस्थिति वाली पहली उच्च स्तरीय बैठक में पाकिस्तान और अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने विस्तृत मुद्दों पर बात की।

इस्लामाबाद में यूसुफ के कार्यालय की ओर से जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया, ‘‘दोनों पक्षों के बीच साझा हित के अनेक क्षेत्रीय, द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक बात हुई। वे इन मुद्दों पर व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए।’’