दुबई, 23 मई (भाषा) ओलंपिक की तैयारियों में लगे भारतीय मुक्केबाजों के सोमवार से यहां शुरू होने वाली एशियाई चैंपियनशिप में छोटे ड्रा के कारण सात पदक पक्के हो गये।

महिलाओं में शीर्ष वरीयता प्राप्त छह बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा), गत चैम्पियन पूजा रानी (75 किग्रा), अनुपमा (81 किग्रा से अधिक), स्वीटी (81 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), लालबुतसाई (64 किग्रा) और मोनिका (48) सेमीफाइनल मुकाबले से अपने अभियान को शुरू करेंगे।

महिलाओं के वर्ग में 10 भार वर्ग में कुल 47 मुक्केबाज भाग ले रही हैं।

भारत के कुल 19 मुक्केबाज इस प्रतियोगिता में अपना कौशल दिखाएंगे। इनमें नौ पुरुष और 10 महिला मुक्केबाज शामिल हैं। इस बार विजेताओं को पुरस्कार ​राशि भी मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ ने प्रतियोगिता के लिये इस बार 400,000 डालर की पुरस्कार राशि की घोषणा की है। इसमें स्वर्ण पदक विजेता को 10,000 डालर, रजत पदक विजेता को 5000 डालर और कांस्य पदक जीतने वाले दोनों खिलाड़ियों में से प्रत्येक को 2500 डालर का पुरस्कार मिलेगा।

टूर्नामेंट में 27 देशों को भाग लेना था लेकिन कोविड-19 के कारण लागू यात्रा प्रतिबंधों की वजह से इसमें सिर्फ 17 देशों के मुक्केबाज चुनौती पेश करेंगे।

गत चैम्पियन अमित पंघाल (52 किग्रा) के साथ कुल छह भारतीय खिलाड़ियों को पहले दौर में बाई मिला है और वे क्वार्टरफाइनल से अपने अभियान को शुरू करेंगे।

भारतीय मुक्केबाज शनिवार को यहां पहुंचे। विनोद तंवर (49 किग्रा) को कोविड-19 का परीक्षण पॉजिटिव आने के कारण इस प्रतियोगिता से हटना पड़ा था।

भारतीय पुरुष मुक्केबाजी के उच्च प्रदर्शन निदेशक सैंटियागो नीवा ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''इससे हमें यह आकलन करने का मौका मिलेगा कि ओलंपिक से पहले हम किस स्थिति में है और हमें कहां सुधार की जरूरत है। इस लिहाज से यह प्रतियोगिता हमारे लिये बहुत महत्वपूर्ण है। ''

भारत ने एशियाई चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2019 में थाईलैंड में किया था। तब उसने दो स्वर्ण, चार रजत और सात कांस्य सहित कुल 13 पदक जीते थे। इस बार टीम से इससे भी अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद की जा रही है।

नीवा ने कहा, ''हम हमेशा जीत के लिये आते हैं। हम जानते हैं कि यह बेहद कड़ी प्रतियोगिता होगी क्योंकि कई देशों ने ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर चुके मुक्केबाजों को उतारा है और कई मुक्केबाजों ने विश्व चैंपियनशिप में पदक जीता है। लेकिन हमें पूरी उम्मीद है कि टीम अच्छे परिणाम हासिल करेगी। ''

ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाले मुक्केबाजों में अमित पंघाल (52 किग्रा), पिछली बार के रजत विजेता आशीष कुमार (75 किग्रा) और पूर्व पदक विजेता विकास कृष्ण (69 किग्रा) पुरुष वर्ग में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे।

महिलाओं में मैरीकॉम, सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), लवलीना और गत चैम्पियन पूजा रानी (75 किग्रा) पर भारतीय उम्मीदें टिकी हैं। मैरीकॉम ने पूर्व में इस प्रतियोगिता में पांच स्वर्ण पदक जीते हैं। ये चारों ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर चुकी हैं।

चार बार के पदक विजेता शिव थापा (64 किग्रा) पर भी निगाहें टिकी होंगी। वह अब तक इस प्रतियोगिता में एक स्वर्ण (2013), एक रजत (2017) और दो कांस्य पदक (2015 और 2019) जीत चुके हैं।

पहले यह टूर्नामेंट भारत में आयोजित किया जाना था लेकिन कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण दुबई को इसकी मेजबानी सौंपी गयी।

भारतीय टीम इस प्रकार है :

पुरुष: अमित पंघाल (52 किग्रा), मोहम्मद हुसामुद्दीन (56 किग्रा), वरिंदर सिंह (60 किग्रा), शिव थापा (64 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा), आशीष कुमार (75 किग्रा), सुमित सांगवान (81 किग्रा), संजीत (91 किग्रा) और नरेंद्र (+91 किग्रा)।

महिला: मोनिका (48 किग्रा), एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा), साक्षी (54 किग्रा), जैस्मीन (57 किग्रा), सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), लालबुतसाई (64 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), पूजा रानी (75 किग्रा), स्वीटी (81 किग्रा) ) और अनुपमा (+81 किग्रा)।