आंशिक रूप से बादल छाए रहने के कारण दिल्ली का न्यूनतम तापमान शुक्रवार को बढ़कर सामान्य से एक डिग्री अधिक 6.4 डिग्री सेल्सियस हो गया. वहीं, अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 20.8 डिग्री सेल्सियस रहा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने कहा कि कोहरा छाए रहने से सफदरजंग में दृश्यता घटकर 201 मीटर और पालम में 300 मीटर रह गई.

शनिवार को शहर के कई हिस्सों में घने कोहरे का अनुमान जताया गया है. आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि पश्चिमी हिमालय से आने वाली ठंडी और शुष्क उत्तरी-उत्तरपश्चिमी हवाओं से बृहस्पतिवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई. फिर हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पूर्व की ओर हो गई. इसके अलावा, आंशिक रूप से बादल छाए रहने के कारण न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई है. एक जनवरी को, शहर में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो 15 वर्षों में इस महीने के लिए सबसे कम था.

दिल्ली में सोमवार तक न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया, क्योंकि लगातार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते शहर में बादल छाए रहे. हालांकि, नवीनतम विक्षोभ की वापसी के बाद सर्द उत्तर-पश्चिमी हवाओं के शुरू होने से तापमान गिरना शुरू हो गया. शहर की वायु गुणवत्ता शुक्रवार को भी 'गंभीर' श्रेणी में रही. सरकारी एजेंसियों ने कहा कि प्रदूषक तत्त्वों के फैलाव के लिए बेहद प्रतिकूल मौसम होने के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक बृहस्पतिवार को 'गंभीर' श्रेणी में चला गया.

शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह 10 बजे 460 दर्ज किया गया. बृहस्पतिवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 429 था. श्रीवास्तव ने कहा कि हवा की गति धीमी हो गई है और हवा में नमी ने प्रदूषकों को भारी बना दिया है. दिल्ली के लिए केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली ने कहा कि हवा की कम गति प्रदूषकों के फैलाव के लिए बेहद प्रतिकूल होती है.