2003 क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान सचिन तेंदुलकर का बल्ला खूब बोला था. सचिन ने इस टूर्नामेंट में 673 रन बनाए थे. सभी टीमें सचिन से घबराई हुई थीं. पाकिस्तान भी इसमें से एक थी. 1 मार्च 2003 को भारत का मुकाबला पाकिस्तान से हुआ. ये मुकाबला सेंचूरियन में खेला जा रहा था. पहले बल्लेबाजी करते हुए सईद अनवर ( 101) के शतक की बदौलत पाकिस्तान ने 7 विकेट के नुकसान पर 273 रन बनाए थे. भारत को जीत के लिए 274 रन की दरकार थी.

भारत के सामने जीत के लिए बड़ा स्कोर था और सामने गेंदबाजी पर वसीम अकरम, वकार यूनिस और शोएब अख्तर की घातक तिकड़ी थी. लेकिन सचिन ने शोएब अख्तर के पहले ओवर में ही एक छक्का और दो चौके लगाकर पाकिस्तान की हालत पस्त कर दी. हालांकि वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली जल्द आउट हो गए लेकिन सचिन ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी जारी रखी. सचिन ने महज 75 गेंद में 98 रन की पारी खेली, वह अख्तर की गेंद पर कैच आउट हुए थे. सचिन दो रन से अपने शतक से चूक गए, लेकिन तबतक मैच लगभग भारत की झोली में आ गया था. युवराज ने नाबाद 50 और राहुल द्रविड़ ने नाबाद 44 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई थी. सचिन ने बाद में इस बात का खुलासा भी किया कि वह इस मैच से लगभग दस दिन पहले से चैन से सो नहीं पाए थे.

सचिन तेंदुलकर की इस यादगार पारी को याद करते हुए पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने हेलो एप पर चौंकाने वाली बात कही है. शोएब अख्तर का कहना है कि वह चाहते थे सचिन उनकी गेंद पर 98 के स्कोर पर आउट न हुए होते बल्कि छक्का लगाकर शतक पूरा करते. अख्तर ने बताया, "मैं बेहद दुखी था क्योंकि सचिन 98 रन पर आउट हो गए थे. वो एक खास पारी थी और उन्हें शतक लगाना चाहिए था. मैं चाहता था कि वो सेंचुरी पूरी करें. उस बाउंसर पर अगर वो छक्का लगाते तो मुझे मजा आता."