हाथरस (उत्तर प्रदेश), 28 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में संदिग्ध रूप से जहरीली शराब पीने के कारण अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है जिसके बाद इस मामले में बुधवार को एक दारोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया।

जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बताया कि हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के नगला दया ग्राम पंचायत के नगला पराध और नगला सिंधी मजरों में 26 अप्रैल को सिंधी समाज के कुछ लोगों ने अपने कुल देवता की पूजा की थी और इसमें परंपरानुसार कुलदेवता को शराब का चढ़ावा चढ़ाए जाने के बाद लोगों ने प्रसाद स्वरूप उसका सेवन भी किया।

उन्होंने बताया कि अगले दिन पुलिस को शराब पीने से कुछ लोगों की मौत होने की खबर मिली तो वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान पता लगा कि शराब पीने वाले चार लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि आज दो और व्यक्तियों की मौत हो गई और इस तरह अब तक शराब पीने के बाद छह लोगों की मौत हो चुकी है।

रंजन ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीली शराब पीने से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शराब पीने के बाद मौतें हुई हैं इसलिए

आरोप लगाया जा रहा है कि यह जहरीली शराब की वजह से हुई हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि शराब पीने के बाद बीमार हुए आधा दर्जन से अधिक लोगों का स्थानीय जिला अस्पताल और अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में उपचार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वह शराब बेचने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

इस बीच, मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में हाथरस गेट में तैनात हलका प्रभारी रामदास पचौरी और सिपाही रिंकू सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कोतवाली प्रभारी जगदीश चंद्र के खिलाफ विभागीय जांच कर कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं।

भाषा सलीम रंजन

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