विशाखापत्तनम, 25 मई (भाषा) आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा के निकट सिलेरू नदी में मंगलवार तड़के दो नाव के पलटने से चार प्रवासी कामगारों और उनके दो बच्चों की मौत हो गई।

पुसिस सूत्रों ने बताया कि दो और लोगों के डूबने की आशंका है। उनकी तलाश की जा की जा रही है जबकि तीन लोग सुरक्षित बच गए हैं।

बचाव टीमों ने मंगलवार को रात होने पर खोज अभियान रोक दिया। बरामद हुए शवों को पोस्टमॉर्टम के लिये ओडिशा के चित्रकोंडा में एक सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है।

मल्कानगिरि जिले के जिलाधिकारी वाई विजय ने घटनास्थल का दौरा किया और खोज अभियान की निगरानी की। इसके बाद शवों को ले जाया गया।

सोमवार मध्यरात्रि के बाद कुल 11 लोग दो देसी नौकाओं में सवार होकर ओडिशा के मल्कानगिरि में अपने गांव कोंडुगुड़ा जा रहे थे। इस दौरान ओडिशा सीमा के निकट सिलेरगुंटा में एक देसी नौका नदी में पलट गई और उसमें सवार यात्री डूबने लगे। दूसरी नौका में बैठे लोगों ने अपने साथियों को बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी नौका भी संतुलन खोकर नदी में पलट गई।

तैरकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे तीन लोगों ने स्थानीय अधिकारियों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद आंध्र प्रदेश आपदा एवं दमकल सेवा विभाग की बचाव टीमें घटनास्थल पर भेजी गईं। सुबह को नदी से दो वर्षीय बच्चे का शव निकाल लिया गया। दोपहर को दो और देर शाम को तीन अन्य का शव निकाला गया।

पुलिस ने कहा कि मरने वालों में दो बच्चे शामिल हैं, जिनमें से एक की उम्र दो साल और दूसरे की चार साल है।

पीड़ित आदिवासी प्रवासी मजदूर हैं और हैदराबाद से ओडिशा के अपने गांव कोंदुगुदा लौट रहे थे। पांच नाव में सवार होकर करीब 35 लोगों ने एक साथ सिलेरू नदी में यात्रा शुरू की थी। इनमें से कुछ सुरक्षित अपने गंतव्य पहुंच गए।

राज्य में कोविड-19 के मद्देनजर लगे कर्फ्यू के कारण वह लोग नदी के रास्ते जा रहे थे। लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है।