केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार को उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत के 'फटी जींस' वाले बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि लोग किस तरह से कपड़े पहनें, इससे नेताओं का कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि उनका काम नीति निर्धारण करना और कानून का शासन सुनिश्चित करना है.

तीरथ सिंह रावत की उस समय काफी आलोचना हुई थी जब उन्होंने अपने एक विवादित बयान में कहा था कि मूल्यों में आई गिरावट युवाओं के अजीबोगरीब फैशन से झलकता है और वे घुटने पर फटी जींस पहनकर अपने को खास समझने लगते हैं.

उन्होंने इस संबंध में एक घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि एक बार जब वह हवाई जहाज में बैठे तो उनके साथ एक महिला बैठी थीं जो गम बूट पहने हुई थीं, उनकी जींस घुटनों पर फटी थी, हाथों में कई कड़े थे और उनके साथ दो बच्चे भी थे. रावत ने कहा कि वह महिला एनजीओ चलाती हैं जो समाज के बीच में जाती हैं और स्वयं उनके दो बच्चे हैं लेकिन घुटने फटे हुए हैं तो ऐसे में वह क्या संस्कार देंगीं.

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ईरानी ने टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव के सातवें संस्करण में कहा कि कुछ चीजें पवित्र हैं और उनमें से एक है महिलाओं का अपनी जिंदगी जीने के तरीके को चुनना और जिस तरीके से वे उपयुक्त समझें, समाज से जुड़ने का.

ईरानी ने कहा, "नेताओं का इस बात से कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए कि लोग किस तरह से कपड़े पहनते हैं, क्या खाते हैं, वे क्या करते हैं क्योंकि हमारा काम नीति बनाना है और कानून का शासन सुनिश्चित करना है. कई नेताओं ने गलत बयानी की है."

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