ऐसा माना जाता है कि सावन महीने का हर दिन शुभ होता है क्योंकि यह धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए प्रार्थना करने का सबसे अच्छा समय होता है. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार सावन महीने के दौरान उपवास और पवित्र प्रथाओं का पालन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं क्योंकि ये महीने को भगवान शिव का होता है. सावन के महीने में भगत उपवास के साथ भगवान शिव की आराधना करते हैं. ऐसे में हमें पता होना चाहिए कि सावन माह में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए. भगवान शिव को खुश करने के लिए हमें इन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

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क्या-क्या खाना चाहिए

1. साबूदाना : सोमवार के व्रत में साबूदाना से बनी चीजें खानी चाहिए. साबूदाने की खिंचड़ी, खीर और साबूदाने का वडा बना सकते हैं.

2. सिंघाड़ा: सोमवार के व्रत में सिंघाड़े के आटे का पराठा, हलवा, बर्फी बनाकर खा सकते हैं.

3. हरी सब्जी: व्रत में हरी सब्जी, लौकी, खीरा, टमाटर और कच्चा केला आदि खा सकते हैं.

4. आलू: इस व्रत में आलू से बनी चीजें खा सकते हैं. आलू टिक्की व्रत में आराम से खाया जाता है.

5. मौसमी फल: सोमवार के व्रत में हम मौसमी फल जैसे आम, केला, सेब आदि खा सकते हैं, पंरतु तरबूज और खरबूज नहीं खाना चाहिए.

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इन बातों का भी रखें ध्यान

- व्रत के दौरान शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए. प्रतिदिन 6-8 गिलास पानी जरूर पिएं.

- पेट खाली रहने से एसिडिटी बढ़ सकती है, लिहाजा थोड़े-थोड़े अंतराल पर कुछ न कुछ फलाहार करते रहें.

क्या नहीं खाना चाहिए?

व्रत के दौरान किसी भी प्रकार का अनाज, चावल और दाल नहीं खा सकते हैं क्योंकि उन्हें 'अन्न' माना जाता है. इसके अलावा, प्याज, लहसुन, मूली जैसी कुछ सब्जियों से भी बचना चाहिए क्योंकि उन्हें गर्म या तामसिक भोजन के रूप में जाना जाता है. मसाले जैसे हींग, सेंधा नमक, लाल मिर्च, मेथी, हल्दी और किसी भी अन्य बीज को छोड़कर सभी प्रकार के नमक से बचना चाहिए.

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नोटः ये लेख मान्यताओं के आधार पर बनाए गए हैं. ओपोई इस बारे में किसी भी बातों की पुष्टि नहीं करता है.