नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) बेंगलुरु की एक स्टार्ट-अप कंपनी ने क्लिनिकल नमूनों में कोविड-19 एंटीबॉडी सांद्रण की त्वरित और सटीक जांच के लिए एलेक्ट्रोकेमिकल जांच ‘एलिसा’ विकसित की है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने शनिवार को इस आशय की जानकारी दी।

भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएस) के सोसायटी फॉर इनोवेशन एंड डेवेलॉपमेंट (एसआईडी) से जुड़े स्टार्ट अप पैथशोध हेल्थकेयर ने कोविड-19 आईजीएम और आईजीजी एंटीबॉडी की जांच के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्ध हासिल करते हुए अपनी तरह का पहली सेमी-क्वांटिटेटिव एलेक्ट्रोकेमिकल जांच ‘एलिसा’ विकसित की है।

एक ओर जहां क्वालिटेटिव विश्लेषण नमूनों में मौजूद तत्वों का पता लगाता है वहीं सेमी-क्वांटिटेटिव विश्लेषण उन तत्वों के सांद्रण का अनुमान लगाता है।

डीएसटी ने बताया कि फरीदाबाद स्थित ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (टीएचएसटीआई) से मान्यता मिलने के बाद केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने बिक्री के लिहाज से पैथशोध के उत्पादन का लाइसेंस जारी कर दिया है।

भाषा अर्पणा माधव

माधव