मुंबई की एक स्पेशल कार्ट ने शोविक चक्रवर्ती, रिया चक्रवर्ती, अब्दुल बासित, ज़ैद विलात्रा, दिपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया. NCB ने इन्हें सुशांत सिंह राजपूत केस से संबंधित ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया था.  

NCB ने गुरुवार को जमातनत याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि भले ही इस मामले में जब्त की गई प्रतिबंधित मादक पदार्थों की मात्रा कम थी लेकिन यह वाणिज्यिक मात्रा थी और 1,85,200 रुपये की थी.

विशेष न्यायाधीश जी बी गुराव ने बृहस्पतिवार को चक्रवर्ती भाई-बहन के वकील और मामले में विशेष सरकारी अभियोजक की दलीलों को सुना. मामले में चार अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं की भी न्यायाधीश ने सुनवाई की.

जमानत याचिकाओं पर अपने जवाब में दाखिल किये गये हफलनामे में एनसीबी ने कहा कि रिया चक्रवर्ती और शौविक चक्रवर्ती सुशांत सिंह राजपूत के लिए मादक पदार्थों की व्यवस्था करते थे और उसके पैसे देते थे.

सह आरोपी दीपेश सावंत द्वारा दिये गये बयान के अनुसार वह राजपूत और रिया चक्रवर्ती के निर्देश पर मादक पदार्थ खरीदा करता था.

एनसीबी ने तीन दिन की पूछताछ के बाद मंगलवार को रिया को गिरफ्तार कर लिया था जो अभी न्यायिक हिरासत में है. शौविक और सैमुअल मिरांडा को एजेंसी ने पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया था.

वकील सतीश मानशिंदे द्वारा दायर अपनी याचिका में रिया चक्रवर्ती ने कहा कि तीन दिन की पूछताछ के दौरान जब वह एनसीबी के समक्ष पेश हुई तो रिया को स्वीकारोक्ति देने के लिए मजबूर किया गया था.

हालांकि अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि रिया चक्रवर्ती ने मादक पदार्थों को खरीदने और उसका पैसा देने में अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है.

एनसीबी ने कहा कि यदि आरोपियों को जमानत पर रिहा किया जाता है तो वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते है और मामले के प्रमुख गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते है.

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की तीन संघीय एजेंसियां एनसीबी, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) विभिन्न दृष्टिकोणों से जांच कर रही है.

गौरतलब है कि राजूपत गत 14 जून को बांद्रा स्थित अपने आवास में मृत पाये गये थे.