तालिबान ने सिराजुद्दीन हक्कानी (Sirajuddin Haqqani) को अफगानिस्तान का नया गृह मंत्री बना दिया है. ये वही सिराजुद्दीन हक्कानी है  जिसे अमेरिका ने मोस्ट वांटेड आतंकवादी घोषित कर रखा है और जिस पर एक तगड़ा इनाम भी रखा है. मंगलवार को तालिबान ने अफगानिस्तान में अपनी सरकार की घोषणा की. इस सरकार में सिराजुद्दीन हक्कानी को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. सिराजुद्दीन हक्कानी एक खूंखार आतंकवादी हैं जो आतंकवादी संगठन हक्कानी नेटवर्क को चलाता है. हक्कानी नेटवर्क के इस टॉप के आतंकवादी का नाम FBI की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में अभी भी शामिल है.

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अफगानिस्तान के नए गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी के बारे में एक खास बात यह भी है कि अमेरिका ने सिराजुद्दीन की जानकारी देनें पर 50 लाख डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है. अमेरिका के लिए सिराजुद्दीन हक्कानी एक बड़ा दुश्मन है. साल 2008 में काबुल में एक होटल पर एक हमला हुआ था जिसकी जिम्मेदारी सिराजुद्दीन ने अपने सर ली थी. इस हमले में 6 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी. जिसमें कुछ अमेरिका के लोग भी शामिल थे. इसके अलावा साल 2008 में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई की हत्या की साजिश भी सिराजुद्दीन ने ही रची थी.  

हक्कानी नेटवर्क के चलते पूरी दुनिया में आतंक फैलाने वाले सिराजुद्दीन के तालिबान और अलकायदा से भी करीबी संबंध हैं. हक्कानी का नाम कई आतंकी हमलों में शामिल रहा है. दो बार भारतीय दूतावास पर भी आत्मघाती हमले किए हैं.

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अफगानिस्तान में सरकार के खिलाफ हमलों में तालिबान से ज्यादा हक्कानी नेटवर्क का नाम सामने आता रहा है. हक्कानी नेटवर्क ने साल 2008 से लेकर 2020 तक अफगानिस्तान में हुए कई बड़े आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया. इस हक्कानी नेटवर्क में करीब 15 हजार आतंकवादी शामिल हैं.  

बता दें कि अफगानिस्तान के नए प्रधानमंत्री मुल्ला अंखुद क्वेटा के रहबरी शूरा के प्रमुख हैं, इसके साथ वह तालिबान के फाउंडर्स में से एक हैं. शूरा, समिति या कमेटी जैसी संस्था होती जो सलाह देने का काम करती है.

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