इस्लामाबाद, 26 मई (एपी) तालिबान ने अफगानिस्तान से लौट रही अमेरिकी सेना को क्षेत्र में सैन्य अड्डा बनाने के खिलाफ चेताया और पाकिस्तान ने अपनी सरजमीं पर अमेरिका को अड्डा बनाने की इजाजत नहीं देने का संकल्प लिया है।

पाकिस्तान ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी क्षेत्र से ड्रोन से हमले करने की भी कोई गुंजाइश नहीं है।

अमेरिका, अफगानिस्तान से अपने बचे हुए 2500-3500 सैनिकों को वापस बुला रहा है। इस तरह की अटकलें हैं कि अमेरिका आसपास एक स्थान चाहता है जहां से वह आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला कर सके। इसके बाद तालिबान का बयान आया है।

सरकार और तालिबान के बीच रूकी हुई शांति वार्ता को भी शुरू कराने की कोशिशें की जा रही हैं जो शायद तुर्की में हो।

पाकिस्तान और अरब मुल्क कतर, तालिबान पर तुर्की में बातचीत में शामिल होने के लिए दबाव डाल रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित वार्ता पिछले महीने तुर्की में होनी थी लेकिन तालिबान ने इसमें हिस्सा लेने से मना कर दिया था।

इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पाकिस्तानी सीनेट में मंगलवार को कहा कि उनका मुल्क अपनी धरती पर अमेरिका के अड्डे नहीं बनने देगा।

उन्होंने कहा, “अतीत को भूल जाएं, लेकिन मैं पाकिस्तानियों से कहना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री इमरान खान जब तक सत्ता में हैं वह अमेरिकी अड्डे को इजाजत नहीं देंगे।”

अप्रैल में राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध को खत्म करने का ऐलान किया था।

एक बयान में तालिबान ने पड़ोसी देशों को अमेरिका को सैन्य अड्डा बनाने की इजाजत देने के खिलाफ चेताया है।

बयान के मुताबिक, “अल्लाह न करे ऐसा कदम उठाया जाए, यह एक बड़ी ऐतिहासिक भूल होगी।”

बयान में कहा गया है, “हमने बार-बार दूसरों को आश्वासन दिया है कि हमारी धरती का इस्तेमाल किसी की सुरक्षा के खिलाफ नहीं किया जाएगा। हम अन्य से आग्रह करते हैं कि हमारे देश के खिलाफ अपनी जमीन और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल न करने दें।“

एपी

नोमान वैभव

वैभव