मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि रविंद्र जडेजा टेस्ट क्रिकेट में विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में खेलने में सक्षम है लेकिन उनका आलराउंड कौशल भारतीय टीम को खेल के इस पारंपरिक प्रारूप में जरूरी संतुलन प्रदान करता है.

मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर दूसरे टेस्ट में मंगलवार को भारत की आस्ट्रेलिया पर आठ विकेट की जीत के दौरान जडेजा के योगदान की अनदेखी नहीं की जा सकती जिन्होंने अपने 50वें टेस्ट में खेलते हुए पहली पारी में अर्धशतक जड़ने के अलावा मैच में तीन विकेट चटकाए और दो कैच लपके.

यह पूछने पर कि क्या भारत जडेजा को विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में देखता है, शास्त्री ने कहा, ‘‘वह वास्तविक आलराउंडर है और यही कारण है कि वह टीम में है. वह स्थिति के अनुसार छठे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकता है या पांचवें नंबर पर भी लेकिन वह वास्तवित आलराउंडर है. यही कारण है कि वह टीम को काफी संतुलन प्रदान करता है.’’

जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में 216 विकेट चटकाने के अलावा 1926 रन भी बनाए हैं.

शास्त्री ने कहा, ‘‘साथ ही जब हम विदेशी सरजमीं पर खेलते हैं तो आशंका रहती है कि कोई (तेज) गेंदबाज चोटिल हो जाए. आपने उमेश यादव के साथ ऐसा देखा. जडेजा के होने से आपको यह संतुलन मिलता है और जडेजा तथा रविचंद्रन अश्विन के एक साथ गेंदबाजी करने से तेज गेंदबाजों को राहत मिलती है.’’