बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं लेकिन सियासी हलचल अभी भी चल रही है. गुरुवार को पटना में राबड़ी देवी के आवास पर महागठबंधन के नेताओं के साथ बैठक हुई. इस बैठक में तेजस्वी यादव ने कहा है कि, वह बिहार की जनता का धन्यवाद करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग के पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आयोग ने नतीजा एनडीए के पक्ष में दिया है लेकिन जनता हमारे पक्ष में हैं.

तेजस्वी यादव ने कहा, हमें लोगों का समर्थन मिला, लेकिन एनडीए ने धन, चाल और बल के दम पर चुनाव में जीत हासिल की.

उन्होंने कहा, मैं नतमस्तक होकर बिहार की जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं. जनता ने अपना फैसला सुनाया और चुनाव आयोग ने अपना नतीजा सुनाया, जनता का फैसला महागठबंधन के पक्ष में है लेकिन चुनाव आयोग का नतीजा एनडीए के पक्ष में है.

तेजस्वी ने कहा, नीतीश कुमार की जद (यू) तीसरे स्थान पर पहुंच गई. अगर उनमें थोड़ा भी विवेक बाकी है, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से अपना मोह छोड़ देना चाहिए.

इसके साथ ही तजेस्वी ने आयोग से मांग करते हुए कहा, हम उन सभी विधानसभा क्षेत्रों में डाक मतपत्रों की दोबारा गिनती किए जाने की मांग करते हैं, जहां इनकी गिनती शुरू में नहीं अंत में की गई. हम 20 सीटों पर मामूली अंतर से हारे. कई विधानसभा क्षेत्रों में कम से कम 900 डाक मतपत्रों को रद्द कर किया गया.

यह चौंकाने वाली बात है कि एनडीए को महागठबंधन से केवल 12,270 वोट अधिक मिले और फिर भी वह 15 और सीटें जीतने में सफल रहा.