एयर इंडिया के कम से कम 250 अस्थाई कर्मचारियों ने सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी को उन्हें फिर से काम पर रखने का निर्देश देने के लिए बॉम्बे उच्च न्यायालय में अपील दायर की है.

कोरोना वायरस के कारण लागू किए गए लॉकडाउन के चलते वे बेरोगजार हो गए हैं और उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है.

उनकी याचिका पर शुक्रवार को न्यायमूर्ति आर डी धानुका और वी जी बिष्ट की पीठ ने सुनवाई की. पीठ ने एयर इंडिया को नोटिस जारी किया और दो सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया.

अस्थाई श्रमिक आर्थिक रूप से कमजोर

एयर इंडिया लिमिटेड कामगार संघ के माध्यम से दायर इस याचिका में कहा गया है कि अधिकांश अस्थाई श्रमिक आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के हैं और वे आजीविका के लिए एयरलाइन से दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं.

यह याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता गायत्री सिंह और अधिवक्ता मिनी माथुर के माध्यम से दायर की गई.

याचिका के अनुसार अस्थाई श्रमिकों को वर्ष में अधिकतम 240 दिन काम करने की अनुमति दी जाती है और उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से 535 रुपये का भुगतान किया जाता है.