शिवसेना के सांसद संजय राउत ने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए सोमवार को कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के परिवार के सदस्यों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल ‘‘हथियार’’ की तरह किया जा रहा है.

प्रवर्तन निदेशालय ने राउत की पत्नी को एक मामले में तलब किया है, जिसके बाद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर हमला किया है.

राउत ने संवाददाताओं से कहा कि ईडी की कार्रवाई उनके खिलाफ भाजपा की ‘हताशा’ को दिखाता है क्योंकि उन्होंने पिछले साल महा विकास आघाड़ी सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी और किसी भी दबाव के आगे नहीं झुके.

राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘मेरी पत्नी ने 10 साल पहले एक मकान की खरीदारी के लिए एक दोस्त से 50 लाख रुपये का कर्ज लिया था. उस संबंध में पिछले डेढ़ महीने से प्रवर्तन निदेशालय के साथ लगातार पत्र-व्यवहार हुआ है.’’

उन्होंने कहा कि पत्र-व्यवहार के दौरान इस कर्ज राशि को लेकर सभी विवरण ईडी को मुहैया करा दिए गए थे.

अधिकारियों ने रविवार को कहा था कि ईडी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को पीएमसी बैंक धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए 29 दिसंबर को तलब किया है. अधिकारियों ने कहा था कि वर्षा राउत को मुंबई कार्यालय में तलब किया गया है. संजय राउत ने कहा, ‘‘जब ईडी ने पत्र व्यवहार में पीएमसी बैंक मामले और एचडीआईएल के मामले का जिक्र ही नहीं किया तो भाजपा के नेता ऐसा कैसे कह सकते हैं.’’