देश में कोरोना वायरस के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का आरंभ करते हुए 16 जरवरी को टीकाकरण मुहिम की शुरुआत के मद्देनजर ‘कोविशील्ड’ टीकों की पहली खेप मंगलवार तड़के ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ से पुणे हवाईअड्डे के लिए रवाना हुई, जहां से टीकों को लेकर पहले विमान ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी. टीकों को ले जाने के काम से जुड़े एक सूत्र ने को बताया कि तापमान नियंत्रित तीन ट्रक इन टीकों को लेकर तड़के पांच बजे से कुछ समय पहले पुणे हवाईअड्डे के लिए ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ से रवाना हुए. पुणे हवाईअड्डे से इन टीकों को हवाई मार्ग के जरिए भारत के अन्य हिस्सों में पहुंचाया जाएगा.

टीकों को इंस्टीट्यूट से रवाना करने से पहले एक पूजा भी की गई थी. सूत्र ने बताया कि ट्रक में 478 डिब्बे थे और प्रत्येक डिब्बे का वजन 32 किलोग्राम है. ट्रक ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ के मंजरी केन्द्र से निकले और वहां से 15 किलोमीटर दूर स्थित हवाई अड्डे पहुंचे. सूत्र ने बताया कि हवाईअड्डे से टीकों को देशभर में 13 स्थानों पर भेजा जाएगा.

इन टीकों को पुणे से जिन स्थानों पर ले जाया जाएगा, उनमें दिल्ली, अहमदाबाद, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, करनाल, हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुवाहाटी, लखनऊ, चंडीगढ़ और भुवनेश्वर शामिल हैं. सूत्र ने बताया कि पुणे हवाईअड्डे से दो मालवाहन विमानों समेत आठ वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए ये टीके भेजे जाएंगे. एक मालवाहक विमान हैदराबाद, विजयवाड़ा तथा भुवनेश्वर और दूसरा मालवाहक विमान कोलकाता तथा गुवाहाटी जाएगा.

मुम्बई के लिए टीके सड़क मार्ग से रवाना किए जाएंगे. टीकों को इंस्टीट्यूट से ले जाने के लिए ‘कुल-एक्स कोल्ड चैन लिमिटेड’ के ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. पहले जत्थे में से एक खेप ‘एअर इंडिया’ के मालवाहक विमान से अहमदाबाद भेजी जाएगी. गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने सोमवार को ट्वीट किया था कि गुजरात को मंगलवार सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर सरदार वल्लभभाई पटेल हवाईअड्डे पर कोरोना वायरस टीके की पहली खेप उपलब्ध होगी.

केन्द्र सरकार ने देश में 16 जनवरी से शुरू होने वाले टीकाकरण अभियान से पहले सरकार ने सोमवार को ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (एसआईआई) और ‘भारत बायोटेक’ को कोविड-19 टीके की छह करोड़ से अधिक खुराक खरीदने का ऑर्डर दिया था. इस ऑर्डर की कुल कीमत करीब 1,300 करोड़ रुपये होगी.

वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की थी और कहा था कि कोविड-19 के लिए टीकाकरण पिछले तीन-चार हफ्तों से लगभग 50 देशों में चल रहा है और अब तक केवल ढाई करोड़ लोगों को टीके लगाए गए हैं जबकि भारत का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ लोगों को टीका लगाना है.