बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के तहत राज्य में 16 जिलों के 71 विधानसभा क्षेत्रों में बुधवार शाम छह बजे मतदान संपन्न हो गया और 53.54 प्रतिशत मतदान हुआ. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक शाम छह बजे तक 53.54 प्रतिशत मतदान होने की सूचना प्राप्त हुई है. मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ था. 

इन विधानसभा क्षेत्रों में, भागलपुर जिला के कहलगांव में 54.10 प्रतिशत एवं सुल्तानगंज में 54.30 प्रतिशत, बांका जिला के अमरपुर में 57.00 प्रतिशत, धौरैया में 62.50 प्रतिशत, बांका में 60.97 प्रतिशत, कटोरिया में 60.84 प्रतिशत एवं बेलहर में 56.98 प्रतिशत मतदान हुआ.

सीईओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुंगेर जिला के तारापुर में 47.00 प्रतिशत, मुंगेर में 47.80 प्रतिशत एवं जमालपुर में 47.24 प्रतिशत, लखीसराय जिला के सूर्यगढ़ा में 55.80 प्रतिशत एवं लखीसराय में 55.10 प्रतिशत, शेखपुरा जिला के शेखपुरा में 56.22 प्रतिशत एवं बरबीघा में 55.66 प्रतिशत मतदान हुआ.

वहीं, पटना जिला के मोकामा में 51.00 प्रतिशत, बाढ में 52.02 प्रतिशत, मसौढ़ी में 53.00 प्रतिशत, पालीगंज में 53.00 प्रतिशत एवं बिक्रम में 53.33 प्रतिशत, भोजपुर जिला के संदेश में 43.80 प्रतिशत, बरहारा में 50.00 प्रतिशत, अगियावं में 48.40 प्रतिशत, तरारी में 48.10 प्रतिशत, जगदीशपुर में 48.70 प्रतिशत एवं शाहपुर में 50.10 प्रतिशत मतदान हुआ.

साथ ही, बक्सर जिला के ब्रह्मपुर में 54.30 प्रतिशत, बक्सर में 55.81 प्रतिशत, डुमरांव में 52.10 प्रतिशत एवं राजपुर में 54.20 प्रतिशत, कैमूर जिला के रामगढ़ में 60.00 प्रतिशत, मोहनिया में 51.50 प्रतिशत, भभुआ में 59.50 एवं चैनपुर में 54.00 प्रतिशत, रोहतास जिला के चेनारी में 50.70 प्रतिशत, सासाराम में 50.50 प्रतिशत, करगहर में 53.38 प्रतिशत, दिनारा में 49.10 प्रतिशत, नोखा में 46.10 प्रतिशत, डेहरी में 51.09 प्रतिशत एवं काराकाट में 46.00 प्रतिशत मतदान हुआ.

सीईओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार अरवल जिला के अरवल में 54.87 प्रतिशत एवं कुर्था में 52.80 प्रतिशत, जहानाबाद जिले के जहानाबाद में 51.40 प्रतिशत, घोसी में 56.05 प्रतिशत एवं मखदुमपुर में 54.75 प्रतिशत, औरंगाबाद जिला के गोह में 54.00 प्रतिशत, ओबरा में 52.00 प्रतिशत, नबीनगर में 57.14 प्रतिशत, कुटुम्बा में 52.00 प्रतिशत, औरंगाबाद में 48.40 प्रतिशत एवं रफीगंज में 54.00 प्रतिशत, गया जिला के गुरुआ में 58.90 प्रतिशत, शेरघाटी में 58.00 प्रतिशत, इमामगंज में 58.12 प्रतिशत, बाराचट्टी में 52.73 प्रतिशत, बोधगया में 59.41 प्रतिशत, गया टाउन में 54.00 प्रतिशत, टेकारी में 60.70 प्रतिशत, बेलागंज में 59.80 प्रतिशत, अतरी में 54.00 प्रतिशत एवं वज़ीरगंज में 55.00 प्रतिशत मतदान हुआ.

वहीं, नवादा जिला के रजौली में 49.77 प्रतिशत, हिसुआ में 48.53 प्रतिशत, नवादा में 56.00 प्रतिशत, गोबिंदपुर में 56.60 प्रतिशत एवं वारसलिगंज में 51.30 प्रतिशत, जमुई जिला के सिकंदरा में 52.95 प्रतिशत, जमुई में 57.59 प्रतिशत, झाझा में 58.92 प्रतिशत एवं चकाई में 60.03 प्रतिशत मतदान होने की सूचना है.

बिहार विधानसभा के पहले चरण के तहत मतदान कड़ी निगरानी और चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ कोविड-19 को लेकर चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए संपन्न हुआ.

निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर अर्द्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए जाने के साथ कुल 31,380 मतदान केन्द्रों के लिए 31,380-31,380 सेट ईवीएम एवं वीवीपैट मशीन का प्रबंध किया गया था.

बुधवार को जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ, उनमें से 35 संवेदनशील अथवा अति संवेदनशील थे.

इन विधानसभा क्षेत्रों में चैनपुर, नबीनगर, कुटुम्बा एवं रफीगंज में तीन बजे, कटोरिया, बेलहर, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढा, मसौढ़ी, पालीगंज, चेनारी, सासाराम, काराकाट, गोह, ओबरा, औरंगाबाद, गुरूआ, शेरघाटी, इमामगंज, बाराचट्टी, बोधगया, टिकारी, रजौली, गोबिंदपुर, सिकंदरा, जमुई, झाझा एवं चकाई में मतदान चार बजे, अरवल, कुर्था, जहानाबाद, घोषी एवं मखदूमपुर में शाम पांच बजे ही मतदान संपन्न हो गया था, जबकि बाकी अन्य विधानसभा क्षेत्रों शाम छह बजे मतदान संपन्न हुआ.

प्रथम चरण के चुनाव में 71 विधान सभा सीटों में क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा विधान सभा क्षेत्र चैनपुर था, मतदाता संख्या के मामले में सबसे बड़ा विधान सभा क्षेत्र हिलसा था तथा मतदातावार सबसे छोटा क्षेत्र बरबीघा था. इसी तरह प्रथम चरण में गया टाउन विधान सभा क्षेत्र से इस बार सबसे ज्यादा प्रत्याशी (27) तथा कटोरिया से सबसे कम प्रत्याशी (5) चुनाव मैदान में थे.

कोविड-19 को लेकर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदान कर्मियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम)की स्वच्छता, मास्क पहनना, थर्मल स्कैनिंग, सेनिटाइजर और साबुन और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के साथ और अन्य सुरक्षात्मक मापदंडों का पालन सुनिश्चत कराया गया.

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के इस चुनाव में भाग्य आजमा रहे कुल 1,066 उम्मीदवारों, जिनमें 114 महिला प्रत्याशी शामिल हैं, के किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद हो गया.

प्रमुख राजनीतिक दलों में, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) ने इन 71 सीटों में से 35 पर अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे थे. उसके बाद सहयोगी भाजपा ने 29 सीट पर, जबकि विपक्षी राजद ने 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और 20 विधानसभा क्षेत्रों में उसके गठबंधन सहयोगी कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारे थे .

लोक जनशक्ति पार्टी ने इन 71 सीटों में से 41 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे.

प्रमुख उम्मीदवारों, जिनके भाग्य का फैसला बुधवार को ईवीएम में कैद हो गया, उनमें राष्ट्रमंडल खेल में निशानेबाजी में स्वर्ण पदक विजेता श्रेयसी सिंह शामिल हैं, जो 27 साल की उम्र में जमुई से भाजपा उम्मीदवार के रूप में अपनी चुनावी किस्मत आजमा रही थी.

राज्य मंत्रिमंडल में शामिल प्रेम कुमार (गया टाउन), विजय कुमार सिन्हा (लखीसराय), राम नारायण मंडल (बांका), कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा (जहानाबाद), जयकुमार सिंह (दिनारा) और संतोष कुमार निराला (राजपुर) की भी चुनावी किस्मत ईवीएम में कैद हो गई. इनमें से वर्मा, सिंह और निराला जदयू से हैं, जबकि शेष भाजपा से उम्मीदवार हैं.

गया जिले की इमामगंज सीट (सुरक्षित) जो औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, से पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी उम्मीदार हैं. वह राजग के उम्मीदवार और निवर्तमान विधायक हैं. उनका एक बार फिर राजद उम्मीदवार और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी से मुकाबला था.