बेंगलुरु, 26 मई (भाषा) चिकित्सा क्षेत्र के एक विशेषज्ञ ने बुधवार को कहा कि देश में कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए तैयार चिकित्सा ढांचे को तब तक ऐसे ही रखना चाहिए जब तक अधिकांश आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता।

उन्होंने कोरोना वायरस महामारी की संभावित तीसरी लहर के लिए तैयार रहने के लिहाज से इस ओर ध्यान देने की जरूरत बताई।

पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष (अनुसंधान और नीति) प्रोफेसर डी प्रभाकरण ने कहा कि शहरी इलाकों में दूसरी लहर का प्रकोप कम हो रहा है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है।

उन्होंने कहा कि कोविड के मामूली और हल्के लक्षण वाले रोगियों को दूर-चिकित्सा पद्धति से घर पर ही आसानी से सहायता प्रदान की जा सकती है और यह तरीका कारगर हो सकता है। उन्होंने स्थानीय समुदायों में कार्यकर्ताओं को इस दिशा में प्रशिक्षित करने को भी उपयोगी बताया।

प्रोफेसर प्रभाकरण ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ग्रामीण आबादी की देखभाल करते समय हमें तीसरी लहर के लिए भी तैयार होना चाहिए। महामारी से मुकाबले के लिए जो ढांचा तैयार किया गया है, उसे कम से कम तब तक बचाकर रखना चाहिए जब तक बड़ी आबादी को टीका नहीं लग जाता।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें स्वास्थ्य कर्मियों की भी शारीरिक और मानसिक सेहत का ध्यान रखना चाहिए।’’

भाषा वैभव पवनेश

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