नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि गोकर्ण महाबलेश्वर मंदिर का प्रबंधन शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी एन श्रीकृष्ण की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति को सौंपा जाएगा।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने जिन याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया है उनमें से एक याचिका रामचंद्रपुरा मठ की ओर से दायर की गई थी।

मठ ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के 2018 के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी। उक्त फैसले में अदालत ने गोकर्ण के महाबलेश्वर मंदिर का प्रबंधन रामचंद्रपुरा मठ को सौंपने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द कर दिया था।

शीर्ष अदालत ने अपने पहले के अंतरिम आदेश में बदलाव किया है और आदेश दिया है कि गोकर्ण महाबलेश्वर मंदिर का प्रबंधन अब शीर्ष न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी एन श्रीकृष्ण की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति के तहत काम करेगा।

पीठ ने आदेश में कहा कि अपीलकर्ता मठ को मंदिर का प्रबंधन इस समिति को सौंपना होगा जो सारी परपंराओं और रीतियों का पालन करते हुये इसका कामकाज देखेगा।