पंजाब पुलिस ने बुधवार को दावा किया कि पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी सुरेश रैना के रिश्तेदारों पर हमले के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला सुलझा लिया गया है. इस हमले में रैना के फूफा और फुफेरे भाई की मौत हो गई थी. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी अंतरराज्यीय लुटेरे-अपराधी गिरोह के सदस्य हैं. पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने यहां कहा कि 11 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना अभी बाकी है.

रैना ने परिवार से पठानकोट में मुलाक़ात की. रैना बुआ का हालचाल लेने अस्पताल भी गए. 

क्रिकेटर सुरेश रैना ने इसके लिए पंजाब पुलिस और राज्य के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को शुक्रिया कहा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, "पंजाब में आज सुबह मैंने उन जांच अधिकारोयों से मुलाकात की जिनकी अगुवाई में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. मैं उनकी कोशिशों की सच में सराहना करता हूं. हमें जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन इससे निश्चित तौर पर आगे अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी. पंजाब पुलिस और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का मदद के लिए धन्यवाद." 

यह हमला 19-20 अगस्त की रात को पठानकोट के थारयाल गांव में हुआ था. पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने यहां बताया कि 11 अन्य आरोपियों को अभी गिरफ्तार किया जाना है.

रैना के फूफा अशोक कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि कुमार के बेटे कौशल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था. कुमार की पत्नी आशा रानी अस्पताल में है और उनकी हालत नाजुक है. हमले में जख्मी हुए दो अन्य को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

पूर्व क्रिकेटर ने हमले को बेहद भयानक बताया था और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से इस घटना पर ध्यान देने का आग्रह किया था. पंजाब पुलिस ने जांच के लिए चार सदस्य विशेष जांच दल गठित किया था.

पंद्रह सितंबर को एसआईटी को सूचना मिली कि घटना के बाद सुबह में डिफेंस रोड पर दिखे तीन संदिग्ध पठानकोट रेलवे स्टेशन के नजदीक रह रहे हैं.

गुप्ता ने एक बयान में बताया कि छापा मारा गया और तीनों को पकड़ लिया गया. उन्होंने बताया कि उनके पास से सोने की अंगूठी, सोने की चेन और 1530 रुपये नकद बरामद हुए हैं. साथ में दो लकड़ी के डंडे भी मिले हैं.

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सावन उर्फ मैचिंग, मुहोब्बत और शाहरूख खान के तौर पर हुई है. सभी राजस्थान के झुंझुनू के निवासी है.

पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि वे अन्य के साथ मिलकर गिरोह के तौर पर सक्रिय थे और उन्होंने उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर तथा पंजाब के कई हिस्सों में कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया है.