पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुका है. वहीं, 5 मई को ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी. हालांकि, वह खुद विधानसभा चुनाव हार गई हैं. लेकिन फिलहाल वह मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं. ममता बनर्जी के पास सीएम पद पर बने रहने का तत्कालिक विकल्प है लेकिन उन्हें बाद में विधानसभा सदस्य की सदस्यता लेनी होगी.

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पश्चिम बंगाल में बिहार और यूपी की तरह विधान परिषद का विकल्प नहीं हैं. इस वजह से ममता बनर्जी के सामने दिक्कत हैं. बिहार में जैसे नीतीश कुमार विधान परिषद सदस्य के रूप में है और मुख्यमंत्री पद पर बने हैं. वह काफी सालों से विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं और लगातार विधान परिषद के सदस्य हैं.

बता दें देश के 6 राज्यों में विधान परिषद की व्यवस्था लागू है. जिसमें बिहार, यूपी, आंध्र प्रदेष, तेलंगाना, महाराष्ट्र और कर्नाटका शामिल है.

ऐसे ही अगर पश्चिम बंगाल में विधान परिषद की व्यवस्था होती तो ममता बनर्जी आसानी से सदस्यता ले सकती थी. लेकिन अब उन्हें 6 माह के अंदर फिर से चुनाव लड़ना होगा और विधानसभा की सदस्यता ग्रहण करनी होगी.

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आपको बता दें, ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ीं थी. लेकिन उन्हें बीजेपी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा.

अब ममता बनर्जी सीएम पद की शपथ लेंगी लेकिन नियम के तहत उन्हें 6 महीने के अंदर विधानसभा की सदस्यता ग्रहण करनी होंगी. वरना उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा.