मसालों की दुनिया के बेताज बादशाह धर्मपाल गुलाटी ने MDH कंपनी स्थापित करने के साथ ही ढेर सारी मेहनत भी की. आज 98 साल की उम्र में महाशय धर्मपाल गुलाटी का निधन हो गया, और इस खबर के सामने आने के बाद हर तरफ इनके ही चर्चे होने लगे. उनके संघर्ष की कहानी को आज के युवाओं को समझनी चाहिए. ऐसे में देश के सबसे उम्रदराज व्यक्ति को राष्ट्रपति सहित इन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लिखा, 'पद्म भूषण से सम्मानित, 'महाशयां दी हट्टी' (एमडीएच) के अध्यक्ष श्री धर्मपाल गुलाटी जी के निधन से दुःख हुआ। वे भारतीय उद्योग जगत के एक प्रसिद्ध व्यक्तित्व थे. समाज सेवा के लिए किये गए उनके कार्य भी सराहनीय हैं. उनके परिवार व प्रशंसकों के प्रति मेरी शोक-संवेदनाएं.'

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, 'ख्यातिलब्ध उद्यमी पद्मभूषण महाशय धर्मपाल गुलाटी जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ. उद्योग जगत एवं समाज सेवा के क्षेत्र में आपका योगदान अविस्मरणीय एवं प्रेरक है. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें. ॐ शांति'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा, 'धर्मपाल जी का व्यक्तित्व प्रेरणादायक था. वो समाज के लिए काफी कुछ करते थे. भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें.'

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, 'सौम्य व्यक्तित्व के धनी महाशय धर्मपाल जी संघर्ष और परिश्रम के एक अद्भुत प्रतीक थे. अपनी मेहनत से सफलता के शिखर को प्राप्त करने वाले धर्मपाल जी का जीवन हर व्यक्ति को प्रेरित करता है. प्रभु उनकी दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करें व उनके परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें. ॐ शान्ति'

बता दें, 27 मार्च, 1923 को ब्रिटिश इंडिया के सिआलकोट (अब पाकिस्तान में) में महाशय धर्मपाल गुलाटी का जन्म हुआ था. धर्मपाल गुलाटी ने अपने संघर्ष की कहानी कई इंटरव्यूज में बताई हैं. उन्होंने बताया कि किस तरह बंटवारे के बाद उनके पिता परिवार को लेकर दिल्ली आ गए थे. इसके बाद मसालों की छोटी सी दुकान लगाकर अपना गुजारा करते थे. धर्मपाल जी ने पेट भरने के लिए तांगा भी चलाया लेकिन उनके सपने बड़े थे और अपनी मेहनत के दम पर महाशिया दी हट्टी कंपनी खड़ी की जिसे आमतौर पर लोग MDH मसालों के नाम से जानते हैं.