स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) ने कोरोना वायरस की वैक्सीन लगवाने के 20 दिनों के अंदर होने वाले संदिग्ध थ्रोम्बोएम्बोलिक (खून के थक्के जमना) लक्षणों के बारे में जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी की है. 

यह सलाह विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिन्हें सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड वैक्सीन लगाई गई है. 

ऐसे किसी भी लक्षण के मामले सामने आने पर सलाह दी गई है कि वह उस हेल्थ फैसिलिटी में संपर्क करें, जहां उन्हें वैक्सीन लगाई गई थी.

इन लक्षणों पर ध्यान रखना है-

सांस फूलना, सीने में दर्द, अंगों में दर्द / अंगों को दबाने पर दर्द या अंगों (बांह या पैर) में सूजन, इंजेक्शन स्थल से परे किसी क्षेत्र में त्वचा पर लाल धब्बे, पेट में लगातार दर्द, उल्टी या बिना उल्टी के, लगातार सिरदर्द शामिल है.

मंत्रालय ने कहा कि कोविशील्ड में दुनिया भर में और भारत में कोविड-19 के कारण संक्रमण को रोकने और मौतों को कम करने की जबरदस्त क्षमता है.

भारत में 27 अप्रैल तक कोविशील्ड टीके की 13.4 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है. मंत्रालय सभी कोविड-19 टीकों की सुरक्षा की लगातार निगरानी कर रहा है और संदिग्ध प्रतिकूल घटनाओं की रिपोर्टिंग को बढ़ावा दे रहा है.

बता दें कि कोविड-19 वैक्सीन लगाए जाने के बाद प्रतिकूल प्रभावों की जांच करने वाली एक सरकारी समिति ने पाया है कि भारत में कोविशील्ड वैक्सीन लगाये जाने के बाद रक्तस्राव और खून के थक्के जमने के 26 संभावित प्रतिकूल प्रभाव के मामले सामने आये हैं.

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