आस्ट्रेलिया के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने संकेत दिये हैं कि युवा बल्लेबाज विल पुकोवस्की की शानदार फार्म के बावजूद भारत के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की शृंखला के पहले मैच में डेविड वॉर्नर के सलामी जोड़ीदार के रूप में जो बर्न्स को बरकरार रखा जा सकता है.

बर्न्स ने पिछली गर्मियों में आस्ट्रेलिया की तरफ से 32 की औसत से रन बनाये और उनका शैफील्ड शील्ड सत्र के शुरू में प्रदर्शन भी अच्छा नहीं रहा जिसमें उन्होंने 11.40 की औसत से 57 रन बनाये.

दूसरी तरफ 22 वर्षीय पुकोवस्की ने लगातार दो दोहरे शतक जमाये. उन्होंने पश्चिम आस्ट्रेलिया के खिलाफ 202 रन और दक्षिण आस्ट्रेलिया के खिलाफ 255 रन बनाये.

लैंगर ने क्रिकेट.कॉम.एयू से कहा, ‘‘विल पुकोवस्की वह सब कुछ कर रहा है जिससे उसका पहले टेस्ट में खेलना संभव है लेकिन हमें इस बारे में विचार करना होगा. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली बार जब हमने टेस्ट क्रिकेट खेली थी तो हमें जो बर्न्स और डेविड वॉर्नर की जोड़ी पसंद थी. उनके बीच वास्तव में बहुत अच्छा तालमेल है और इस आधार पर मैं कहूंगा कि इसे बनाये रखना होगा. ’’

बर्न्स और वॉर्नर ने सलामी जोड़ी के रूप में 50.56 की औसत से 1365 रन बनाये हैं. आस्ट्रेलिया को आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाने में उन्होंने अहम भूमिका निभायी है.

लैंगर ने कहा, ‘‘आज हम जिस स्थिति में हैं हमें वहां तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ियों को भी हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम की लंबे समय से सफलता का यह महत्वपूर्ण कारण रहा है. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसे दौर से गुजरे हैं जहां हमने कई खिलाड़ियों को अंदर-बाहर किया और मेरा मानना है कि हमें अपने खिलाड़ियों का पक्ष लेना चाहिए. यह बदल सकता है लेकिन यह बेहद मजबूत धारणा है जिस पर कायम रहा जा सकता है. ’’

भारत चार टेस्ट मैचों की शुरुआत 17 दिसंबर को एडीलेड में होने वाले दिन रात्रि टेस्ट मैच से करेगा तथा लैंगर ने कहा कि आस्ट्रेलिया के पहले तीन दिवसीय अभ्यास मैच के बाद सलामी जोड़ी की स्थिति अधिक स्पष्ट हो जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘यह हमेशा अच्छा होता है जबकि आपको पता हो कि टेस्ट मैच में कौन खिलाड़ी खेल रहा होता है. चीजें बदल सकती हैं लेकिन आस्ट्रेलिया ए टीम के पहले मैच के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो जाएगी कि पहले टेस्ट मैच में कौन पारी की शुरुआत करने जा रहा है.’’

भारत का आस्ट्रेलिया दौरा तीन वनडे और इतने ही टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों से शुरू होगा जिसके बाद टेस्ट शृंखला खेली जाएगी.