भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल ही नहीं बल्कि उससे कहीं बढ़कर है. इसी वजह से भारत में क्रिकेट खेलना किसी बड़े सपने से कम नहीं है. सिर्फ भारत में रह रहे लोग ही टीम इंडिया में अपनी जगह नहीं बनाना चाहते बल्कि विदेशी खिलाड़ी भी भारतीय टीम के लिए खेलने का अपना सपना साकार करना चाहते हैं.

हॉन्ग कॉन्ग के पूर्व कप्तान अंशुमान रथ ने अपना देश छोड़ दिया है. इसके साथ ही उन्होंने अब भारत में ही क्रिकेट खेलने का निर्णय लिया है. वे ओडिशा के लिए रणजी ट्रॉफी खेलते नजर आएंगे. अब इस बात में तो कोई शक नहीं कि अगर अंशुमान घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं. तो उन्हें टीम इंडिया में भी शामिल किया जा सकता है. एक इंटरेस्टिंग बात ये है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में हॉन्ग कॉन्ग के पूर्व कप्तान अंशुमान रथ भारत के खिलाफ भी मुकाबला खेल चुके हैं.

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एशिया कप 2018 में खेला था भारत के खिलाफ मुकाबला

एशिया कप 2018 के एक मैच में हॉन्ग कॉन्ग जैसी टीम ने ग्रुप मैच में भारत को बेहद कड़ी टक्कर दी थी.  रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने पहले हॉन्ग कॉन्ग को हल्के में ले लिया था. हालांकि हॉन्ग कॉन्ग के निचले क्रम के बल्लेबाज कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल के सामने टिक नहीं पाए और 26 रन से भारत ने मुकाबला जीत लिया. लेकिन कप्तान अंशुमन रथ की अगुवाई वाली हॉन्ग कॉन्ग टीम ने इस मैच में 259 रन बनाकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया था. इस मैच में भारत के खिलाफ 73 रन की पारी खेलने वाले अंशुमन अब भारत के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते नजर आएंगे.

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ऐसा रहा है अंशुमन का करियर

हॉन्ग कॉन्ग के पूर्व कप्तान अंशुमन रथ इस साल ओडिशा की तरफ से रणजी क्रिकेट में डेब्यू करने की पूरी तैयारी कर चुके हैं. अंशुमन विदेशी नहीं है बल्कि वह ओडिशा से ही हैं. उनका जन्म और परवरिश भले ही हॉन्ग कॉन्ग में हुई हो, मगर उनके माता पिता यहीं से हैं. अंशुमान ने 18 वनडे और 20 टी20 मैचों में हॉन्ग कॉन्ग की टीम की कप्तानी भी की है.  

अंशुमान के पास भारत का पासपोर्ट है और एक साल का कूलिंग पीरियड भी सर्व कर चुके हैं. अंशुमान 14 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ हॉन्ग कॉन्ग चले गए थे. उन्होंने इंग्लैंड में रहकर पढ़ाई की और वहां से क्रिकेट खेलने का प्रयास भी किया, लेकिन कुछ नियमों के कारण वह ऐसा नहीं कर सके और उनको हॉन्ग कॉन्ग ही लौटना पड़ा.

23 वर्षीय अंशुमान पहले विदर्भ के लिए खेलना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने नागपुर में क्लब क्रिकेट भी खेला. लेकिन जब उनको लगा कि ऐसा संभव नहीं हो पायेगा तब उन्होंने अपने मूल राज्य ओडिशा का रुख किया. बता दें कि टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर इस टीम के कोच हैं.  

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