10 मार्च 2021 को उत्तराखंड को नया मुख्यमंत्री मिला. ज्यादा लोगों ने तब तीरथ सिंह रावत का नाम नहीं सुना था. तब शायद ही कोई जानता होगा कि ये नाम सिर्फ 13 ही दिन में मीडिया और सोशल मीडिया का 'लाडला' बन जाएगा. सीएम बनने के बाद से तीरथ सिंह ने विवादित बयान देने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. एक के बाद एक ऐसे विवादित बयान दे डाले हैं, जो उनको 2022 में मुख्यमंत्री पद का दावेदार बना सकती है. उनके पूर्ववर्ती त्रिवेंद्र सिंह रावत शायद इस कला के न होने की सजा भुगत रहे हैं. 

मुख्यमंत्री पद संभाले अभी तीरथ सिंह को 13 दिन हुए हैं और उन्होंने तीन बेहद ही ज्वलनशील बयान दिए हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर आग लगा दी है. कोरोना वायरस से संक्रमित उत्तराखंड के नए सीएम तीरथ सिंह रावत के तीन विवादित बयान पेश हैं- 

* 'ज्यादा राशन चाहिए था तो ज्यादा बच्चे पैदा करते' 

नैनीताल जिले के रामनगर में माननीय मुख्यमंत्री रावत बोले- कोविड-19 प्रभावितों को प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन दिया गया और जिसके 20 बच्चे थे, उसके पास एक क्विंटल राशन आया, जबकि जिसके दो बच्चे थे, उसके पास 10 किलोग्राम आया. उन्होंने कहा, ‘‘जिसके 10 थे तो 50 किलोग्राम आ गया, जिसके 20 थे तो एक क्विंटल आ गया. दो थे तो 10 किलोग्राम आ गया. लोगों ने स्टोर बना लिए और खरीददार सामने ढूंढ लिए.’’

तीरथ सिंह रावत ने कहा कि इतना बढ़िया चावल पहले कभी नहीं खाया था और लोगों को जलन होने लगी कि दो हैं तो 10 किलोग्राम मिला और 20 वाले को एक क्विंटल मिला. उन्होंने कहा, ‘‘भैया इसमें दोष किसका है? उसने 20 पैदा किए तो उसे एक क्विंटल मिला, अब इसमें जलन काहे का. जब समय था तब आपने दो ही पैदा किए, 20 क्यों नही किए?’’

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* 'भारत 200 वर्ष तक अमेरिका का गुलाम था'

रामनगर के इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रावत ने भारत को ब्रिटेन की जगह अमेरिका का गुलाम बता दिया. उन्होंने कहा, "जहां हम 200 वर्ष तक अमेरिका के गुलाम थे, पूरे विश्व के अंदर उसका राज था. यह कहते थे कि उसके राज में कभी सूरज छिपता नहीं था, लेकिन आज के समय में वह भी डोल गया, बोल गया."

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* 'फटी जींस पहनने वाली महिला क्या संस्कार देगी'

रावत ने कहा था कि संस्कारों के अभाव में युवा अजीबोगरीब फैशन करने लगे हैं और घुटनों पर फटी जींस पहनकर खुद को बड़े बाप का बेटा समझते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे फैशन में लड़कियां भी पीछे नहीं हैं.

उन्होंने इस संबंध में एक घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि एक बार जब वह हवाई जहाज में बैठे तो उनके साथ एक महिला बैठी थीं जो गम बूट पहने हुई थीं, उनकी जींस घुटनों पर फटी थी, हाथों में कई कड़े थे और उनके साथ दो बच्चे भी थे. रावत ने कहा कि वह महिला एनजीओ चलाती हैं जो समाज के बीच में जाती हैं और स्वयं उनके दो बच्चे हैं लेकिन घुटने फटे हुए हैं तो ऐसे में वह क्या संस्कार देंगीं.

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एक और बयान में मुख्यमंत्री रावत ने पीएम मोदी की पूजा की बात कही थी. उन्होंने कहा था, "भगवान राम ने समाज के लिए अच्छा काम किया था, इसलिए लोग उन्हें भगवान मानने लगे और ऐसे ही नरेंद्र मोदी जी ने भी अच्छे काम किये और कर रहे हैं इसलिए भविष्य में उनकी भी पूजा होगी."

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नौ अप्रैल 1964 को पौड़ी जिले के सीरों गांव में एक साधारण परिवार में जन्मे तीरथ सिंह ने समाजशास्त्र से एमए तथा पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है.