राममंदिर के भूमि पूजन 5 अगस्त की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे इसे लेकर तैयारियां भी तेज हो गई हैं. इसे लेकर अब एक नई जानकारी सामने आई है. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया कि राम मंदिर में हजारों फीट नीचे एक टाइम कैप्सूल दबाया जाएगा ताकि भविष्य में मंदिर से जुड़े तथ्यों को लेकर कोई विवाद न हो.

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि रामजन्मभूमि के इतिहास को सिद्ध करने के लिए जितनी लंबी लड़ाई कोर्ट में लड़नी पड़ी है, उससे यह बात सामने आई है कि अब जो मंदिर बनवाएंगे, उसमें एक 'टाइम कैप्सूल' बनाकर के 2000 फीट नीचे डाला जाएगा. ताकि भविष्य में जब कोई भी इतिहास देखना चाहेगा तो राजन्मभूमि के संघर्ष के इतिहास के साथ तथ्य भी निकल कर आएगा. ताकि कोई भी विवाद वहां उत्पन्न न हो सके.

राम के जहां चरण पड़े उन नदियों का पानी और मिट्टी लाई जाएगी

रिपोर्ट्स के मुताबिक- भूमि पूजन के लिए देश की कई नदियों से जल और मिट्टी लाई जा रही है, जहां माना जाता है कि भगवान राम के चरण पड़े. इस जल और मिट्टी से भूमि पूजन के दौरान अभिषक किया जाएगा.

5 अगस्त को अयोध्या जा सकते हैं पीएम

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के निर्माण की शुरुआत के लिए “भूमि पूजन” समारोह के लिहाज से पांच अगस्त को अयोध्या आ सकते हैं. इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी अभी तक नहीं मिली है.

ऐसा होगा मंदिर का डिजाइन

राम मंदिर निर्माण के मुख्य वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा के बेटे निखिल सोमपुरा ने Opoyi के साथ बातचीत में कहा कि इस भव्य राममंदिर की ऊंचाई 161 फीट होगी. वहीं 1984-85 में बनाए गए पुराने डिजाइन में मंदिर की ऊंचाई 141 फीट थी और अब ऊंचाई 20 फीट और बढ़ाई गई है.

मंदिर में बनाए जाएंगे 3 मंडप

बता दें कि राम मंदिर के लिए पुराना डिज़ाइन 1984-85 में तैयार किया गया था, लेकिन अब बड़ी संख्या में भक्तों की इच्छा को देखते हुए मंदिर का डिज़ाइन को बदला गया है. नए डिजाइन के अनुसार, मंदिर में 3 नए मंडप बनाए जाएंगे, जिसमें दो मंडप सामने और एक मंडप पास में ही बनाया जाएगा. पूरे मंदिर में 3 लाख 75 हजार घन फीट पत्थर का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें से 70 हजार घन फीट पत्थर पहले से तैयार थे और बाकी के 30 लाख पत्थर बंसीपुरा से मंगाए जाएंगे.मंदिर में सजावट के लिए 318 स्तंभों को तीन लाइनों में रखा जाएगा.

जमीन से 17 फीट ऊपर होगा मंदिर

राम मंदिर के वास्तुकार निखिल सोमपुरा ने कहा कि रामलला मंदिर जमीन से 17 फीट ऊपर बनाया जाएगा ताकि लोग इसकी भव्यता देख सकें. साथ ही मंदिर का क्षेत्रफल 235 फीट चौड़ा और 360 फीट लंबा रखा गया है. इस प्रकार, व्यवस्था की गई है ताकि 10 हजार लोग भगवान को एक साथ देख सकें. आगे कहा गया कि 5 गुंबदों वाला मंदिर 69 एकड़ भूमि में बनेगा. मंदिर के ऊपर 35 फुट का झंडा भी फहराया जाएगा.